पूर्व इंस्पेक्टिंग जज ने भवन, परिसर और पौधरोपण कार्यों का लिया जायजा, साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण पर दिया जोर
सुपौल। पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सह सुपौल न्याय मंडल के पूर्व इंस्पेक्टिंग जज राजीव राय ने शनिवार को सुपौल और निर्मली अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का अनौपचारिक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने न्यायालय के विभिन्न भवनों, परिसर, हरित क्षेत्र एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। न्यायालय परिसर का अवलोकन करने के बाद उन्होंने कहा कि यहां का दृश्य देखकर बहुत सुकून मिलता है।
न्यायमूर्ति राजीव राय का निर्मली व्यवहार न्यायालय से विशेष जुड़ाव रहा है। उनके निरीक्षी न्यायाधीश के कार्यकाल में ही इस न्यायालय भवन के निर्माण की प्रक्रिया को गति मिली थी। निर्मली अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय भवन की आधारशिला 10 अक्टूबर 2024 को उनके द्वारा पटना उच्च न्यायालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रखी गई थी, जबकि भूमि पूजन तत्कालीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह ने किया था।
भवन निर्माण निगम लिमिटेड के तत्वावधान में एक कंपनी द्वारा करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से न्यायालय भवन का निर्माण कराया गया। इस मौके पर न्यायालय से जुड़े लोगों ने बताया कि निर्माण कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा कराने में तत्कालीन निरीक्षी न्यायाधीश राजीव राय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके द्वारा विधिज्ञ संघ एवं जिला न्यायाधीश को निर्माण कार्य की प्रगति के लिए प्रत्येक माह निर्धारित लक्ष्य पूरा करने का एक फार्मूला दिया गया था। इस व्यवस्था के अनुसार कार्य की नियमित निगरानी होने के कारण निर्माण समय से पहले पूरा हो सका।
पौधरोपण और हरित परिसर पर भी रहा जोर
न्यायमूर्ति राजीव राय के कार्यकाल में न्यायालय परिसर में बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी कराया गया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर में लगाए गए पौधों को पेड़ का रूप लेते देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि न्यायालय भवन का स्वरूप काफी आकर्षक है और फिलहाल बिहार में इस तरह का भवन देखने को कम मिलता है। उन्होंने स्थानीय न्यायाधीशों, न्यायालय कर्मियों एवं अधिवक्ताओं से कहा कि भवन की सुंदरता बनाए रखने के लिए केवल निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित साफ-सफाई, रखरखाव और सौंदर्यीकरण पर भी सभी को मिलकर ध्यान देना होगा।
निरीक्षण के बाद कॉन्फ्रेंस हॉल में न्यायिक एवं अन्य विषयों पर विमर्श हुआ। इसके बाद जजेज लंच कक्ष में आयोजित एक सामान्य कार्यक्रम में निर्मली विधिज्ञ संघ के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता रामलखन प्रसाद यादव ने निर्मली व्यवहार न्यायालय में फौजदारी वादों की सुनवाई शुरू कराने से संबंधित प्रकरण की वर्तमान स्थिति से न्यायमूर्ति राजीव राय को अवगत कराया।
अधिवक्ता रामलखन प्रसाद यादव ने बताया कि इस संबंध में मुख्य न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय के स्तर पर हुई बातचीत एवं मामले की वर्तमान स्थिति से न्यायमूर्ति राय को विस्तार से अवगत कराया गया। उन्होंने निर्मली सिविल कोर्ट में फौजदारी वादों की सुनवाई शुरू कराने की दिशा में आवश्यक पहल एवं अनुशंसा किए जाने का अनुरोध किया। विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष एवं सचिव सहित उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी इस मांग का समर्थन किया।
मिथिला पाग और पेंटिंग से हुआ स्वागत
इस अवसर पर स्थानीय सीनियर सिविल जज श्याम नाथ साह ने न्यायमूर्ति राजीव राय को मिथिला का पारंपरिक पाग, मिथिला पेंटिंग एवं शॉल भेंट कर स्वागत किया। वहीं निर्मली विधिज्ञ संघ के पूर्व अध्यक्ष तथा अधिवक्ता कल्याण समिति, कोसी प्रमंडल सहरसा के अध्यक्ष अधिवक्ता रामलखन प्रसाद यादव ने भी पाग, शॉल एवं पुष्पमाला से उनका स्वागत किया।
सुपौल न्याय मंडल के परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राहुल कुमार उपाध्याय सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारियों का भी स्वागत किया गया। इस दौरान न्यायालय की स्थापना एवं उससे जुड़े संघर्ष और उपलब्धियों पर आधारित नवीन स्मारिका का विमोचन न्यायमूर्ति राजीव राय ने किया। स्मारिका का अवलोकन करने के बाद उन्होंने इसके लिए संबंधित लोगों को धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम के अंत में न्यायमूर्ति राजीव राय ने व्यवहार न्यायालय परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने स्थानीय न्यायिक पदाधिकारियों एवं कर्मियों को परिसर में हरियाली बनाए रखने तथा पहले से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर सुपौल न्याय मंडल के परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राहुल कुमार उपाध्याय, स्थानीय सीनियर सिविल जज श्याम नाथ साह, जूनियर डिवीजन के सिविल जज भवेश कुमार, जिला व्यवहार न्यायालय के प्रोटोकॉल ऑफिसर सह नाजीर सर्वेश कुमार झा, नाजीर मनीष कुमार, प्रियरंजन, मनोज कुमार, विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार विमल, महासचिव भोला प्रसाद यादव सहित जिला व्यवहार न्यायालय एवं निर्मली न्यायालय के कई न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता एवं कर्मी उपस्थित थे।

