
बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, वित्तीय साक्षरता शिविर का भी हुआ आयोजन
पूर्णिया। केंद्रीय कारा, पूर्णिया में बंदियों को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से आयोजित 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को विधिवत समापन हो गया।
समापन समारोह में जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले बंदियों एवं प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए।
अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने बंदियों को प्रेरित करते हुए कहा कि रिहाई के बाद वे इस कौशल का उपयोग कर स्वरोजगार से जुड़ें और समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन जिएं। कौशल विकास ही पुनर्वास का सबसे सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान एक वित्तीय साक्षरता शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को बैंक योजनाओं, बचत, ऋण सुविधाओं और वित्तीय प्रबंधन के संबंध में जागरूक किया गया।

इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन (आई.पी.एस.), कारा अधीक्षक श्री मनोज कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री दिनेश कुमार दिनकर, आरसेटी निदेशक श्री अमर कुमार, जेल उपाधीक्षक श्री सुनील कुमार मौर्य एवं श्री सुधीर कुमार, सहायक अधीक्षक श्री रवि किशन तथा प्रोग्रामर श्री कृष्ण मोहन झा मौजूद रहे।
एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), पूर्णिया द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में संस्थान के संकाय सदस्य श्री माधव चन्द एवं श्री रजनीकांत का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जेल प्रशासन और आरसेटी की इस संयुक्त पहल का मुख्य उद्देश्य बंदियों में व्यावहारिक कौशल विकसित कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सक्षम बनाना है।
