
वरदान न्यूज । मधेपुरा
समाहरणालय परिसर स्थित सूचना भवन के पदाधिकारी कक्ष में आज आयोजित प्रेस वार्ता में जिले में एलपीजी गैस की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था एवं पीएनजी गैस कनेक्शन की प्रगति की विस्तृत जानकारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी, मधेपुरा द्वारा दी गई। प्रेस वार्ता में बताया गया कि जिले में लगभग चार लाख उपभोक्ता हैं तथा वर्तमान में एलपीजी गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया गया कि गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है, अतः घबराने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही सभी उपभोक्ताओं से अपील की गई कि वे अनावश्यक रूप से सिलेंडर का संग्रह न करें तथा आवश्यकता अनुसार ही गैस प्राप्त करें। जिले में इंडियन ऑयल, एचपीसीएल एवं बीपीसीएल की कुल 40 गैस एजेंसियों (आईओसीएल-18, एचपीसीएल-15 एवं बीपीसीएल-7) के माध्यम से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इस माह प्रतिदिन औसतन लगभग 4,676 सिलेंडरों की खपत हो रही है। दिनांक 17 अप्रैल 2026 को जिले में 12,870 भरे हुए घरेलू सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि 16 अप्रैल को 4554 सिलेंडरों की बिक्री दर्ज की गई। वर्तमान में 196 वाणिज्यिक सिलेंडर भी उपलब्ध हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी गैस एजेंसियों द्वारा होम डिलीवरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। यदि किसी उपभोक्ता को 2–3 दिनों के भीतर गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं होती है, तो वे जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06476-222220 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि गैस की आपूर्ति समयबद्ध तरीके से सीधे उपभोक्ताओं के घर तक पहुंचे।
प्रशासन द्वारा एलपीजी गैस की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जिले में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के विस्तार हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब तक शहरी क्षेत्रों में लगभग 1,650 घरों में पीएनजी सुविधा प्रदान की जा चुकी है। मधेपुरा एवं सिंहेश्वर शहरी क्षेत्रों में कनेक्शन हेतु निबंधन की संख्या लगातार बढ़ रही है तथा जीआई इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से प्रगति पर है। अधिकारियों ने बताया कि पीएनजी गैस एलपीजी की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक एवं किफायती है। इच्छुक उपभोक्ता इंडियन ऑयल कार्यालय, घोष लेन पथ, वार्ड संख्या-20, नगर परिषद मधेपुरा में संपर्क कर सकते हैं।
जिला प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि एलपीजी बैकलॉग को समाप्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की विलंब की स्थिति उत्पन्न न हो। अंत में जिला प्रशासन ने सभी उपभोक्ताओं से सहयोग, संयम एवं जागरूकता बनाए रखने की अपील की है, ताकि गैस आपूर्ति व्यवस्था सुचारू, पारदर्शी एवं निर्बाध बनी रहे।
