सुपौल। सुपौल जिले के किशनपुर प्रखंड में बुधवार को महागठबंधन के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान मिथिला की गौरवशाली पहचान पाग का जिस प्रकार कथित रूप से इस्तेमाल किया गया और पाग पहनाकर पुतला दहन किया गया, उसे लेकर भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष जयंत मिश्रा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष जयंत मिश्रा ने कहा कि मिथिला की पाग केवल सिर पर धारण किया जाने वाला वस्त्र नहीं, बल्कि यह मिथिला की सभ्यता, संस्कृति, सम्मान, स्वाभिमान और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। ऐसी पवित्र सांस्कृतिक पहचान को राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन में अपमानित करना करोड़ों मिथिलावासियों की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध और प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर मिथिला की संस्कृति और अस्मिता को निशाना बनाना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। पाग को जलते हुए पुतले के साथ जोड़ना मिथिला की परंपरा का घोर अपमान है। इस घटना से मिथिला के लोगों के बीच स्वाभाविक रूप से आक्रोश उत्पन्न हुआ है।
जयंत मिश्रा ने कहा कि मिथिला की पाग का इतिहास और सम्मान सदियों पुराना है। यह सम्मानित अतिथियों, विद्वानों, सामाजिक एवं राजनीतिक व्यक्तित्वों को सम्मानित करने की परंपरा से जुड़ी रही है। ऐसे में पाग को किसी राजनीतिक पुतले के साथ जलाने का प्रयास मिथिला की सांस्कृतिक गरिमा के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने महागठबंधन के नेताओं से सार्वजनिक रूप से इस कृत्य पर स्पष्टीकरण एवं मिथिलावासियों से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारों का विरोध हो सकता है, नीतियों का विरोध हो सकता है, लेकिन किसी समाज की संस्कृति, परंपरा और सम्मान का अपमान करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।
जयंत मिश्रा ने कहा कि मिथिला की संस्कृति से जुड़े प्रतीकों के सम्मान की रक्षा करना प्रत्येक मिथिलावासी की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि मिथिला की पाग अथवा किसी अन्य सांस्कृतिक प्रतीक का राजनीतिक प्रदर्शन के नाम पर अपमान किया गया तो इसके खिलाफ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से जोरदार जनआंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “पाग मिथिला का गौरव है, किसी राजनीतिक प्रदर्शन का सामान नहीं। मिथिला की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों को मिथिलावासी कभी स्वीकार नहीं करेंगे।”
उन्होंने प्रशासन से भी पूरे मामले का संज्ञान लेकर घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।


