सुपौल। बिहार पेंशनर समाज जिला शाखा सुपौल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ भवन सुपौल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला सभापति श्री सत्यनारायण चौधरी ने की।
बैठक में वक्ताओं ने केन्द्र एवं राज्य सरकार पर वर्षों से पेंशनरों की मौलिक एवं संवैधानिक छः सूत्री मांगों की पूर्ति नहीं कर उपेक्षा करने का आरोप लगाया। नेताओं ने सरकार को कर्मचारी, पदाधिकारी एवं पेंशनर विरोधी बताते हुए दोहरा चरित्र होने का आरोप लगाया।
जिला सभापति श्री सत्यनारायण चौधरी ने कहा कि पेंशनर अपने जीवन का बड़ा हिस्सा देश एवं राज्य की सेवा में समर्पित करता है लेकिन सेवानिवृत्त के बाद उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जिसके लिए पेंशनरों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जिला सचिव माधव प्रसाद सिंह एवं बैठक में उपस्थित विन्देश्वरी प्र० यादव, मन्टुन मंडल, किशोर कुमार पाठक, राम आलेख ठाकुर सदस्यों ने मांग किया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में पुरानी पेंशन को तुरंत लागू कर नये पेंशन नीति को शीघ्र बन्द किया जाय, कोरोना काल में जबरन काटी गई तीन किस्त महंगाई भत्ता का शीघ्र एकमुश्त भुगतान करने, कोरोना में आर्थिक मंदी के नाम पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदत्त देश के पेंशनरों एवं वरिष्ठ नागरिकों को भारत में कहीं जाने-आने के लिए ट्रेन, बस एवं जहाज के भाड़े में मिल रहे छूट के राहत को तुरंत बहाल करने, पेंशनरों को 80 वर्षों पर 20 प्रतिशत राशि मूल पेंशन में जोड़ने की गलत नीति को बन्द कर प्रति एक वर्ष पर एक प्रतिशत अथवा पांच वर्षों पर पांच प्रतिशत राशि पेंशनरों के मूल पेंशन में जोड़ने, पेंशनरों को आयुष्मान कार्ड निर्गत करने की उम्र सीमा 70 वर्ष को घटाकर वरिष्ठ नागरिकों का निर्धारित उम्र सीमा 60 वर्ष तुरंत करने की मांग किया है, अन्यथा केन्द्र एवं राज्य सरकार के मंत्री, सांसदों एवं विधायकों वगैरह का गैर संवैधानिक तीन-तीन, चार-चार पेंशन को बन्द करें।
बैठक में सदस्यों ने अन्य जिला के भांति सुपौल में भी जिला पेंशनर समाज का भव्य संघ भवन के लिए विधायक श्री रामविलास कामत एवं विधान परिषद सदस्य डॉ० अजय कुमार सिंह के द्वारा जिला प्रशासन से अनुशंसा करने एवं माननीय वित्त मंत्री के निर्देशानुसार जिला पदाधिकारी सुपौल से जिला पेंशनर समाज का शिष्टमंडल भवन निर्माण के लिए मई एवं सितंबर में दो बार मिलने के बाद जिला पदाधिकारी सुपौल के द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने पर बैठक में घोर असंतोष एवं नाराजगी जाहिर किया गया तथा एक बार पुनः जिला पदाधिकारी से शिष्टमंडल मिलने का निर्णय लिया गया। उसके बाद समाधान नहीं निकलने पर अगली पांच नवंबर की बैठक में जिला पदाधिकारी के समक्ष समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पेंशनरों के द्वारा प्रतिरोध मार्च पर निर्णय लिया जाएगा। बैठक में 17 दिसंबर को जिला में पेंशनर दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में राम आलेख ठाकुर, सुशील कुमार, सीता राम यादव, किशोर कुमार पाठक, सुनील कुमार सिंह, कलान्द सिंह, मन्टुन मंडल, औनारायण, श्रृषीदेव, जगरनाथ वर्मा, विन्देश्वरी प्र० यादव, खगेश्वर प्र० यादव, कृष्णदेव सिंह, नारायण पौद्दार, शिव नारायण पासवान, मो० जियाउल्लाह, परमेश्वरी पासवान वगैरह सदस्य उपस्थित थे।

