सुपौल में मोदी और ज्ञानेश के खिलाफ जोरदार हल्लाबोल, संयुक्त विपक्ष ने निकाला “वोट बचाओ देश बचाओ मार्च”

लोकतंत्र की हत्या पर कांग्रेस ने मनाया ‘काला दिवस’, स्वतंत्र चुनाव आयोग लोकतंत्र का आधार: अनुपम

सुपौल। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मोदी सरकार के खिलाफ सुपौल की सड़कों पर विपक्ष का भारी आक्रोश दिखा। इंडिया गठबंधन के दलों ने ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग के साथ हल्लाबोल किया। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने “वोट बचाओ, देश बचाओ” मार्च निकालकर प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया।

कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने अपनी बाँह पर काली पट्टी बांधकर इस दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में भी मनाया। विपक्ष के सभी दलों ने सुपौल के गाँधी मैदान में एकत्रित होकर मार्च प्रारंभ किया जो शहरों के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर गया। महावीर चौक और स्टेशन चौक होते हुए लोहियानगर चौक पर सांकेतिक पुतला दहन किया गया। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों की तरफ से जोरदार नारेबाजी करके ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और बर्खास्तगी की मांग उठाई गई।

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह सुपौल जिलाध्यक्ष अनुपम प्रमुख रूप से पूरे प्रदर्शन के दौरान उपस्थित रहे। पुतला दहन के पश्चात अनुपम जी ने कहा कि ये अब स्पष्ट हो चुका है कि मोदी सरकार बेईमानी से सत्ता में बैठी हुई है। चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को नष्ट करके देश के साथ गद्दारी की गई है। सुपौल से लेकर दिल्ली तक पूरा देश मोदी सरकार के खिलाफ गुस्से में है। जब तक ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।

अनुपम जी ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्थान है जिसका स्वतंत्र होना लोकतंत्र का आधार है। मोदी सरकार ने हर संस्थान को कब्जे में लेकर भारत के लोकतंत्र की हत्या की है। यह बात नेता विपक्ष राहुल गाँधी पिछले तीन वर्षों से लगातार कह रहे थे, जिसकी पुष्टि खुद दो चुनाव आयुक्तों ने कर दी है।

अनुपम ने कहा कि जिस तरह नेता विपक्ष राहुल गांधी को जंतर मंतर जाने से रोका गया और बदसलूखी की गई, वो बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सवाल पूछने पर विपक्ष की आवाज़ को उस कदर कुचलना तानाशाही है। यहां तक कि तीन सौ सांसदो को भी मोदी सरकार ने अपनी पुलिस के दम पर रोका। इसी कारण सुपौल में हमने आज काला दिवस मनाया है।

जिलाध्यक्ष अनुपम जी के नेतृत्व में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन में नरेश मिश्र, सुभाष सिंह, शाहिद खान, प्रेम नाथ झा, उस्मान आज़ाद, शत्रुघ्न प्रसाद चौधरी, डॉ. विश्वनाथ सराफ, ललित कामत, अमित झा, मोहम्मद तनवीर, सुरेन्द्र पांडे, शैफ अली, महेश यादव, कौशल यादव, शंभूनाथ अरुणाभ, राजेंद्र यादव, अभय तिवारी, प्रमोद यादव, अंकित झा, मुजम्मिल हुसैन, ललन भगत, सुशील सिंह आदि शामिल रहे।

राजद की तरफ से वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक यदुवंश यादव, जिलाध्यक्ष संतोष सरदार, अनोज आर्या उर्फ लव यादव, भूपनारायण यादव, सोनी यादव समेत भारी संख्या में पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

सीपीआई (एम) के जिला सचिव श्रीमति नीतू सिंह यादव एवं सीपीएम के कॉमरेड राजेश कुमार, अरुण कुमार, निजामुद्दीन, सदानंद राम, फुदो मुखिया, नबीसा खातून, मो. याकूब, रमेश फोद्दार, मो. मुस्तुफा एवं माले के जिला सचिव जय नारायण यादव, अरविंद शर्मा, अनिल कुमार आदि शामिल हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!