*समाहरणालय, सुपौल (जिला आपदा कार्यालय)
दिनांक 26.09.2026 को कोसी नदी के जल स्तर में वृद्धि होने से 5.00 बजे पूर्वाह्न में 316795 क्यूसेक पानी बराज से छोड़ने के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें 70 गाँव के लगभग 80,000 जनसंख्या प्रभावित हुए।
जिला प्रशासन द्वारा सभी बाढ़ प्रभावित अंचल यथा- सुपौल, किशनपुर, सरायगढ़-भपटियाही, निर्मली एवं मरौना के अंचलाधिकारी को अलर्ट मोड में रहने का आदेश दिया गया। उक्त के परिप्रेक्ष्य में जिलाधिकारी के निर्देशानुसार अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, सुपौल द्वारा जिले के सभी बाढ़ प्रभावित अंचलों में राहत एवं बचाव कार्यों का निरंतर संचालन और अनुश्रवण किया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तटबंध के अंदर एवं निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने तथा आवागमन को सुलभ बनाने के लिए आवश्यकतानुसार कुल-169 निजी नावों का परिचालन शुरू किया गया है। वर्तमान में सुपौल जिलान्तर्गत कुल-21 सामुदायिक रसोई केन्द्रों का संचालन जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है जिसमें अभी तक कुल 16894 व्यक्तियों द्वारा भोजन किया गया है। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों के बीच पूर्व से अभी तक कुल-2701 पॉलिथीन शीट्स का भी वितरण किया गया है।
अपर समाहर्ता,
आपदा प्रबंधन, सुपौल।
