पूर्व सांसद आनंद मोहन ने विकास योजनाओं में हो रही कथित वित्तीय अनियमितताओं और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है। सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर का नाम लिए बिना उन पर राजनीतिक हमला बोलते हुए आनंद मोहन ने कहा कि जब वे जेल में थे, तब पुनौरा धाम के विकास और मां जानकी मंदिर के पुनरोद्धार के लिए किसी ने आवाज क्यों नहीं उठाई? उन्होंने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद सबसे पहले उन्होंने ही पूरे देश में पुनौरा धाम के निर्माण की मांग बुलंद की थी। आनंद मोहन ने चेतावनी दी कि शिवहर और सीतामढ़ी क्षेत्र की विकास योजनाओं में हो रही लीपापोती और कथित लूट को वे बर्दाश्त नहीं करेंगे और जल्द ही साक्ष्यों के साथ भ्रष्टाचार का खुलासा करेंगे।
आनंद मोहन ने पुनौरा धाम में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और वित्तीय अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि 72 करोड़ रुपये की योजनाओं में जमीनी स्तर पर आधी राशि भी खर्च नहीं हो पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2,000 रुपये के पत्थर को कागजों और बिलों में 8,000 रुपये में दिखाया जा रहा है। तटबंध निर्माण और मिट्टी भराई के नाम पर भी लीपापोती का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के साथ जल्द प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा करेंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर की ओर इशारा करते हुए आनंद मोहन ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का मुद्दा उठ रहा था, लेकिन मां जानकी के भव्य मंदिर का ख्याल किसी को नहीं आया। उन्होंने कहा कि जेल से रिहा होने के बाद फारबिसगंज से उन्होंने मांग उठाई थी कि अयोध्या में राम मंदिर की तर्ज पर मिथिलांचल में मां जानकी का मंदिर बने। उनके अनुसार, सांसद लवली आनंद ने भी संसद के बजट सत्र में यह मुद्दा उठाया, जिसके बाद केंद्र और राज्य सरकार ने 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी
