अक्सर कहा जाता है कि जेन अल्फा अपनी बात खुलकर रखने वाली पीढ़ी है। गया जिले के डुमरिया प्रखंड में इसकी एक अलग तस्वीर देखने को मिली, जब चहरा-पहरा मध्य विद्यालय के छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं को लेकर खुद सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों के साथ बच्चों ने प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर विद्यालय में कथित अनियमितताओं के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान मध्याह्न भोजन, फर्जी उपस्थिति, प्रमाण-पत्र जारी करने के नाम पर कथित अवैध वसूली समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने प्रभारी प्रधानाध्यापिका से 24 घंटे के भीतर साक्ष्य सहित जवाब मांगा है।
डुमरिया प्रखंड मुख्यालय के बाहर चहरा-पहरा मध्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि अपनी समस्याओं और विद्यालय में कथित अनियमितताओं को लेकर बच्चे खुद आगे आए और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। छात्रों और ग्रामीणों ने अपनी शिकायतों को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन भी सौंपा, जिसमें विद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार नहीं बनाया जाता है। इसके अलावा छात्रों की वास्तविक संख्या से कम उपस्थिति होने के बावजूद कथित तौर पर फर्जी हाजिरी बनाई जाती है। आवेदन में आरोप है कि फर्जी उपस्थिति के आधार पर चावल और सरकारी राशि का उठाव किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने इन आरोपों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
छात्रों और ग्रामीणों ने प्रमाण-पत्र जारी करने को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि प्रमाण-पत्र देने के नाम पर प्रति छात्र 500 रुपये की मांग की जाती है। आरोप के मुताबिक, जो छात्र कथित तौर पर यह राशि नहीं देते हैं, उनके प्रमाण-पत्र रोक दिए जाते हैं। ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने इस मामले की भी जांच कराने की मांग प्रशासन से की है।
