सभी निजी विद्यालय अपने विद्यालय के वेवसाईट एवं सूचना पट्ट पर वर्गवार छात्र/छात्राओं से लिये जाने वाले शुल्क की जानकारी सार्वजनिक करे :– डीएम

विद्यालयों द्वारा छात्र/छात्राओं से Readmission के नाम पर लिये जाने वाले शुल्क का कोई औचित्य नहीं है :– डीएम

वरदान न्यूज । सुपौल

आज दिनांक 16.04.2026 को श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0, जिलाधिकारी, सुपौल की अध्यक्षता एवं सुश्री सारा अशरफ, भा0प्र0से0, उप विकास आयुक्त, सुपौल सहित शिक्षा विभाग के पदाधिकारी की उपस्थिति में निजी विद्यालय के संचालक/प्राचार्य की बैठक की गई। बैठक में शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2019 एवं बिहार राज्य बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली, 2011 के अनुपालन हेतु सभी निजी विद्यालय को आवश्यक निदेश दिये गये। समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा सभी निजी विद्यालयों को यह निदेश दिया गया कि वे अपने विद्यालय के वेवसाईट एवं सूचना पट्ट पर वर्गवार छात्र/छात्राओं से लिये जाने वाले शुल्क की जानकारी सार्वजनिक करे। कई विद्यालयों द्वारा छात्र/छात्राओं से Readmission के नाम पर लिये जाने वाले शुल्क का कोई औचित्य नहीं है। जिलाधिकारी द्वारा इस तरह के विद्यालयों पर कार्रवाई करने का सख्त निदेश दिया गया है। समीक्षा के क्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रा० शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान, सुपौल के द्वारा जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया गया कि जिले के 34 विद्यालयों के द्वारा कक्षा-01 में संभावित कुल नामांकन क्षमता को ज्ञानदीप पोर्टल पर सार्वजनिक नहीं किया गया है इस पर जिलाधिकारी, सुपौल द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए अगले दो दिनों के अंदर इंटेक कैपेसिटि मरने का निदेश दिया गया। जो विद्यालय इस अवधि में इंटेक कैपेसिटि विभागीय पोर्टल पर अद्यतन नहीं करेंगे वैसे विद्यालयों के विरूद्ध सूचना छुपाने, विभागीय निदेश की अवहेलना करने का दोषी मानते हुए विद्यालय संचालन को पूर्ण रूप से बंद करते हुए अन्य आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई कि कुछ निजी विद्यालय द्वारा किताब क्रय में मनमाने तरीके से राशि वसूल की जाती है जिसका समर्थन कई निजी विद्यालय संचालक द्वारा करते हुए इसे गलत बताया गया। उप विकास आयुक्त, सुपौल द्वारा शुल्क वृद्धि के लिए निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2019 के अनुपालन करने का निदेश दिया गया। यदि कोई विद्यालय इसका अनुपालन नहीं करते हैं तो इनके विरूद्ध शुल्क विनियमन अधिनियम 2019 के धारा-07 के कंडिका 01 एवं 02 के आलोक में कार्रवाई की जायेगी। जिलाधिकारी, सुपौल के द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को अपने दैनिक निरीक्षण में नियमित रूप से निजी विद्यालय का अवलोकन करने का छात्र एवं अभिभावक से बात कर उनकी समस्या का समाधान करने का निदेश दिया गया। बैठक में सभी निजी विद्यालय को अपार कार्ड का निर्माण अगले दो सप्ताह में पूर्ण करने का निदेश दिया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त, सुपौल के द्वारा सभी निजी विद्यालय के संचालक को जनगणना में भागीदारी लेने एवं ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से अपने तथा अपने परिवार की सूचना अद्यतन करने का निदेश दिया गया। यदि उन्हें इस संबंध में कोई विशेष जानकारी की आवश्यकता है वे अपने नजदीक के सरकारी विद्यालय के शिक्षक जिन्हें जनगणना कार्य का प्रशिक्षण दिया गया है उनसे सम्पर्क कर जनगणना कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।

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