
उदाकिशुनगंज, मधेपुरा। उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में इन दिनों फर्जी पत्रकारों की बाढ़ आ गई है। न तो किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से रजिस्ट्रेशन, न ही कोई वैध पहचान पत्र, फिर भी गले में कैमरा और माइक लटका कर खुद को पत्रकार बताना और आम लोगों, दुकानदारों, विद्यालयों और छोटे कर्मचारियों से पैसा ऐंठना इनका पेशा बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये तथाकथित पत्रकार दिन भर बाइक पर घूमते हैं और किसी भी निर्माण कार्य, दुकान या निजी संस्थान को देखकर खबर बनाने की धमकी देकर अवैध वसूली करते हैं। समाज में पत्रकारिता जैसे चौथे स्तंभ की छवि को इससे गहरा आघात पहुंच रहा है।
वहीं क्षेत्र के वास्तविक और निष्ठावान पत्रकारों में भी इसको लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि कुछ पैसों के लालच में ये फर्जी लोग पूरी पत्रकारिता को बदनाम कर रहे हैं।
प्रशासन से मांग –
स्थानीय बुद्धिजीवियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि उदाकिशुनगंज में चल रहे सभी प्रेस ID की जांच की जाए। जिनके पास RNI रजिस्टर्ड अखबार / चैनल का नियुक्ति पत्र, भारत सरकार से मान्यता प्राप्त प्रेस कार्ड नहीं है, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
यदि कोई व्यक्ति बिना रजिस्ट्रेशन के माइक ID लगाकर घूमता पाया जाए तो उस पर वसूली और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जाए, ताकि असली पत्रकारों का सम्मान बना रहे और समाज में भय का माहौल खत्म हो।
