222 नामांकित छात्राओं में सिर्फ 59 मिलीं उपस्थित, परियोजना बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय निर्मली के निरीक्षण में खुली व्यवस्था की पोल
सुपौल। जिले के निर्मली प्रखंड स्थित परियोजना बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, निर्मली की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक रूपेश कुमार पाठक को अनधिकृत अनुपस्थिति समेत कई आरोपों के आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
यह कार्रवाई प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, निर्मली की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने 5 अक्टूबर 2026 को पत्रांक 473 के माध्यम से जांच रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट के मुताबिक 1 अक्टूबर 2026 को अपराह्न करीब 2:14 बजे विद्यालय का निरीक्षण किया गया, इस दौरान प्रधानाध्यापक विद्यालय में अनुपस्थित पाए गए।
जुलाई से सितंबर तक अनधिकृत अनुपस्थिति का आरोप
जांच रिपोर्ट के अनुसार प्रधानाध्यापक जुलाई 2026 में 14 दिन, अगस्त में 7 दिन और सितंबर में 7 दिन तक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे। वहीं ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर भी उनकी अनुपस्थिति दर्ज पाई गई।
222 में सिर्फ 59 छात्राएं मिलीं उपस्थित
विद्यालय में कुल 222 छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन निरीक्षण के समय महज 59 छात्राएं ही भौतिक रूप से उपस्थित मिलीं। जबकि उपस्थिति पंजी में 161 छात्राओं की उपस्थिति दर्ज थी।
छात्राओं ने बताई अव्यवस्था
निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नियमित रूप से शिक्षण कार्य नहीं होता है। स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और कक्षाओं में पंखे भी उपलब्ध नहीं हैं। आईसीटी लैब के नियमित उपयोग नहीं होने की बात भी सामने आई।
विशिष्ट शिक्षक नियमावली के तहत निलंबन
प्राप्त आरोपों के आधार पर बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक (संशोधन) नियमावली, 2024 के नियम 11.2 (ख, ज, ड) के तहत रूपेश कुमार पाठक को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, प्रतापगंज निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। आरोप पत्र अलग से निर्गत किया जाएगा।
