रुक्मणी विवाह उत्सव में झूमे श्रद्धालु, फूलों की वर्षा से गूंजा कथा पंडाल – सुपौल में भक्ति और मेले का संगम
सुपौल। शहर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में आज रुक्मणी विवाह का दिव्य प्रसंग सुनकर पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। अयोध्या धाम से पधारीं कथा व्यास सोनम जी ने जैसे ही रुक्मणी हरण और श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह का वर्णन किया, पूरा कथा स्थल “जय श्रीकृष्ण” और “राधे-राधे” के जयकारों से गूंज उठा।
व्यास सोनम जी ने कहा कि देवी रुक्मणी ने मन से ही भगवान श्रीकृष्ण को अपना पति मान लिया था। उन्होंने द्वारका संदेश भेजकर अपने हृदय की बात कही। भक्त की अटूट आस्था देखकर स्वयं श्रीकृष्ण विदर्भ पहुंचे और रुक्मणी जी को द्वारका ले जाकर विधिवत विवाह किया।
कथा वाचिका ने कहा कि यह प्रसंग सिर्फ विवाह की कथा नहीं, बल्कि जीव और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। जब भक्त सच्चे प्रेम और समर्पण से पुकारता है, तो भगवान अवश्य सुनते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में प्रेम, विश्वास और सदाचार अपनाने का आह्वान किया।
इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी मैया की विशेष झांकी सजाई गई, जो आकर्षण का केंद्र रही। विवाह उत्सव पर श्रद्धालुओं ने जमकर पुष्पवर्षा की और भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए।
मेले में उमड़ी भीड़, मीना बाजार बना खास
कथा स्थल के साथ लगे मेले में भी रौनक चरम पर है। शाम होते ही भीड़ दोगुनी हो रही है। मेले में टोरा-टोरा, टावर झूला, ब्रेक डांस और सुनामी जैसे बड़े झूलों के साथ बच्चों के लिए मिकी माउस, हाथी-घोड़ा और पालकी झूलों की व्यवस्था है। महिलाओं के लिए मीना बाजार में श्रृंगार और घरेलू सामानों की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हैं। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में परिवार पहुंच रहे हैं।
आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष राम लखन चौधरी, उपाध्यक्ष उमेश चौधरी, नवीन गुप्ता, सचिव ललन कुमार, उपसचिव बबलू चौधरी, कोषाध्यक्ष बैजनाथ कुमार उर्फ बैजू, मेला प्रभारी सुमन गुप्ता, पूजा प्रभारी राघव, राजेंद्र चौधरी, बंटी मिश्रा, प्रवीण कुमार, रोहित, शिवम, आशीष, सिंटू, कुंदन जायसवाल समेत पूरी समिति जुटी है।
आयोजन समिति ने बताया कि प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।

