सहरसा सदर अस्पताल में हुई घटना के बाद चिकित्सकों द्वारा 22 सितंबर 2026 को एक दिवसीय ओपीडी सेवा के बहिष्कार के निर्णय का भारतीय अस्पताल संघ ने समर्थन किया है। सुपौल सदर अस्पताल के चिकित्सकों की चिंता को लेकर संघ ने कार्यस्थल पर चिकित्सकों की सुरक्षा, सम्मान और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।भारतीय अस्पताल संघ के डॉ. बिमल कारक ने चिकित्सकों के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी मरीजों की सेवा करते हैं।

सहरसा सदर अस्पताल की घटना को सभी तथ्यों के साथ निष्पक्ष रूप से देखा जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि यदि आपातकालीन स्थिति में एक साथ बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचते हैं, तो सीमित मानवबल के बीच चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर अत्यधिक कार्यदबाव रहता है। ऐसी परिस्थितियों में मरीजों का उपचार सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।

डॉ. बिमल कारक ने सरकार एवं प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा संबंधित सभी पक्षों की बात सुनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का सम्मान और मनोबल बनाए रखने के साथ-साथ मरीजों को निर्बाध चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।
भारतीय अस्पताल संघ ने सुपौल सदर अस्पताल सहित क्षेत्र के चिकित्सकों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का समर्थन किया है।सेवा ही धर्म है।सर्वे सन्तु निरामयः।
