श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में संभावित बाढ़-2026 की पूर्व तैयारियों के संबंध में हूई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

वरदान न्यूज । पूर्णियां

जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०)की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्तरीय अनुमंडल स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ संभावित बाढ़ पूर्व तैयारी-2026 की विस्तृत समीक्षा बैठक का आयोजन महानंदा सभागार आहूत की गई। इस बैठक में जिले के सभी 14 प्रखंडों में बाढ़ सुरक्षा, राहत सामग्री, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई और अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिया गया। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिले में 01 जनवरी 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक औसत सामान्य वर्षा 45.0 मिमी के मुकाबले 64.9 मिमी वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है।जो सामान्य से 44.2 प्रतिशत अधिक है। जिले की मुख्य नदियों (महानंदा, कनकई, परमान, दास, कोशी, सौरा और कारी कोशी) से मुख्य रूप से बायसी, अमौर, बैसा, डगरूआ, रूपौली और धमदाहा जैसे प्रखंड प्रभावित होते हैं। समीक्षा में पाया गया कि बाढ़ के दौरान विशेष सहायता प्रदान करने के लिए संबंधित अधिकारियों ने संकटग्रस्त समूहों की पहचान कर ली है। गर्भवती महिलाओं धातृ महिलाओं बच्चों दिव्यांगों निराश्रित व्यक्तियों की सूची तैयार की गई है। जिले के सभी तटबंध वर्तमान में सुरक्षित हैं। संवेदनशील स्थलों पर अस्थायी झोपड़ी, बालू भंडारण और बालू भरे बोरों की व्यवस्था मानसून पूर्व करने के निर्देश दिए गए हैं। कटाव निरोधक कार्यकुल 32 स्थलों (अमौर-15, बैसा-04, बायसी-13) पर बाढ़ निरोधात्मक कार्य कराए जा रहे हैं।
सड़कों और पुलों के नीचे पानी की निकासी सुगम बनाने के लिए सफाई का कार्य प्रगति पर है। जिले में पर्याप्त मात्रा में नाव उपलब्ध है एवं एकरारनामा किया जा रहा है। 307 बाढ़ शरण स्थलचिन्हित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, भोजन वितरण के लिए 256 सामुदायिक रसोईकेंद्रों का चयन किया गया है। जिला भंडार में पर्याप्त मात्रा में पॉलीथीन शीट्स उपलब्ध हैं। सूखा राशन के पैकेट (चावल, दाल, आलू, चूड़ा, गुड़ आदि) के दर निर्धारण की प्रक्रिया जारी है। मेडिकल टीम:103 मेडिकल टीमों (18 चलंत, 45 स्थायी, 40 अस्थायी) का गठन किया गया है। सभी आवश्यक दवाएं (ORS, Paracetamol, Halazone Tab आदि) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। पशुओं के लिए 36 सहायता केंद्र26 उप-केंद्र कार्यरत हैं। पशुओं के लिए 42 ऊँचे शरण स्थल चयनित किए गए हैं। प्रशिक्षण एवं समुदायिक जागरूकता हेतु SDRF और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से अब तक 1,400 बच्चों को सुरक्षित तैराकी का प्रशिक्षण दिया गया है। बाढ़ प्रवण प्रखंडों में सामुदायिक स्वयंसेवकों को SDRF द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। सहायता राशि वितरण हेतु आपदा सम्पूर्ति पोर्टल (Sampoorti) बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची अद्यतन की जा रही है। जिला स्तर पर आपातकालीन संचालन केंद्र (06454-242317,19, 20,9473310439) सक्रिय है। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पिछले वर्ष में जो क्षेत्र सुभेद्य रहे हैं वहाँ विशेष निगरानी रखी जाए।

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