इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन बेचने वाले डीलर द्वारा लिए गए एप्रूवल के बदले बेचा जा रहा है दूसरे कंपनी का वेट मशीन, जांच का विषय

वरदान न्यूज (मधेपुरा)

जिले भर में इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन बेचने के लिए करीब एक दर्जन डीलर को लाइसेंस प्राप्त है। जबकि जिले में कई जगहों पर तराजू बाट अवैध तरीके से बेचने की सूचना मिल रही है। वहीं सूत्रों की माने तो कई इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन बेचने वाले डीलर द्वारा लिए गए इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन का एप्रूवल के बदले दूसरे कंपनी का इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन बेचा करते हैं जो कि पूरे तरह से अवैध है। ज्ञात हो कि इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन में डीलर द्वारा एक कंपनी के नाम पर दूसरी कंपनी का माल बेचना और उसमें मनमानी करना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और विधिक माप विज्ञान के नियमों का उल्लंघन है। माप तौल विभाग के अनुसार रजिस्टर्ड कंपनियों से तराजू बाट खरीदने पर ही विभाग में उसी के रशीद पर ऑन लाइन तराजू बाट का लाइसेंस निर्गत करने का नियम है। जिस रजिस्टर्ड कंपनी से तराजू बाट खरीदा जाता है, उस कंपनी को हरेक साल लाइसेंस रिनुअल कराने के लिए विभाग को साल भर में बेचे गये तराजू बाट का हिसाब देना होता है। तराजू बाट में अंतर पाये जाने पर संबंधित कंपनियों पर कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं सूत्रों की माने तो इलेक्ट्रॉनिक तराजू में रिमोट कंट्रोल या चिप लगाकर वजन में हेराफेरी की जा रही है। वहीं जानकारी अनुसार कई ऐसे डीलर हैं जो सिर्फ नाम के लिए लाइसेंस ले रखें हैं उस लाइसेंस के आर में बिना एप्रूवल प्राप्त कंपनी का मशीन बेचा करते हैं, ऐसे डीलर ना तो जीएसटी भरते हैं नाही अपने डीलरशिप दुकान का बिल देते हैं। अगर ये बात सही है तो विभागीय मिलीभगत को नकारा नहीं जा सकता। जो जांच का विषय है। वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता को भी चाहिए कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक कांटा खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करें कि उस पर विभाग का वेरिफिकेशन स्टैम्प लगा है या नहीं। बिना स्टाम्प के तराजू का उपयोग गैरकानूनी है। जांचें कि क्या उस ब्रांड के पास विधिक माप विज्ञान विभाग से मॉडल अप्रूवल प्रमाणपत्र है या नहीं। डीलर से पक्का बिल (जी एस टी बिल) लें, जिस पर स्पष्ट रूप से कंपनी का नाम, मॉडल नंबर और वारंटी की अवधि लिखी हो। ज्ञात हो कि बिना मुहर वाली मशीनों की बिक्री एक गंभीर कानूनी अपराध है। डीलरों को केवल सरकार द्वारा प्रमाणित व सत्यापित मशीनें ही बेचनी चाहिए। जानकारी अनुसार इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन के डीलर के लिए नापतौल विभाग का लाइसेंस अनिवार्य है। वहीं अगर आप तराजू का निर्माण या आयात कर रहे हैं, तो आपको मैन्युफैक्चरर/इंपोर्टर लाइसेंस चाहिए, लेकिन केवल बेचने के लिए डीलर लाइसेंस पर्याप्त है। वहीं आप जिस भी कंपनी का इलेक्ट्रॉनिक तराजू बेच रहे हैं, उस तराजू का मॉडल अप्रूवल सर्टिफिकेट होना चाहिए। यह भारत सरकार के मेट्रोलॉजी विभाग द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए दिया जाता है कि तराजू सटीक वजन बताता है या नहीं। बिना मॉडल अप्रूवल के मशीन बेचना गैर-कानूनी है। वहीं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जी एस टी अनिवार्य है। लेकिन इससे परे खुलेआम मशीन की बिक्री होती है, विभाग समय समय पर जांच के नाम पर खानापूर्ति कर देते हैं। वहीं सूत्रों की माने तो डीलर का सही तरीके से जांच किया जाए तो कई चौंकाने वाला तथ्य सामने आ सकता है। वहीं इस तरह के मामले को लेकर मापतौल इंस्पेक्टर शंकर ठाकुर ने कहा वेट मशीन बेचने वाले डिस्ट्रीब्यूटर की जांच की जाएगी और इस तरह का मामला सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।

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