योग और कर्म के संदेश से गूंजा सुकमारपुर गौरवगढ़
स्वामी सत्यानन्द जी बोले – ध्यान से सुधरेगा जीवन, कर्म से बनेगा समाज
सुपौल नगर परिषद वार्ड नं. 03, सुकमारपुर गौरवगढ़ में दो दिवसीय सुपौल जिला संतमत सत्संग का 15वाँ वार्षिक ध्यान अधिवेशन भव्यता, श्रद्धा और दिव्यता के साथ संपन्न हुआ !अधिवेशन के दूसरे दिन का मुख्य विषय “योग और कर्म”रखा गया, जिसने हजारों श्रद्धालुओं के हृदय को स्पर्श कर लिया। भजन, स्तुति-विनती और जयकारों से जैसे ही पूरा पंडाल गूंजा, वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा गौरवगढ़ ही एक बड़े परिवार में परिवर्तित हो गया हो।
प्रवचन करते हुए संतमत सत्संग के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता परम पूज्य स्वामी श्री सत्यानन्द जी महाराज ने कहा कि योग का अर्थ केवल आसन लगाना नहीं है, बल्कि मन को स्थिर करना है। जब मन स्थिर होता है, तब बुद्धि शुद्ध होती है और जीवन में सही निर्णय लेने की शक्ति आती है। संतमत का ध्यान-योग इसी मन की स्थिरता का विज्ञान है। योग जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय ध्यान करता है, उसका तनाव, क्रोध, चिंता और बेचैनी धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है। उसका चेहरा शांत, वाणी मधुर और व्यवहार प्रेमपूर्ण हो जाता है। योग के साथ ही स्वामी जी ने कर्म के सिद्धांत पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मार्मिक शब्दों में कहा कि मनुष्य का भाग्य उसके कर्म से बनता है। अच्छा कर्म ही अच्छा भविष्य बनाता है। केवल पूजा-पाठ करना पर्याप्त नहीं है, कर्म को भी पवित्र करना होगा।
जो व्यक्ति माता-पिता की सेवा करता है, गरीबों की सहायता करता है, सत्य बोलता है और अपने कर्तव्य का ईमानदारी से पालन करता है, वही सच्चा साधक है। ईश्वर केवल मंदिर में ही नहीं, कर्म में भी बसता है।
अखिल भारतीय संतमत सत्संग महासभा के सदस्य एवं जिला सहायक मंत्री डॉ. अमन कुमार ने कहा कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ी को संस्कार, शांति और सद्गुरु के विचारों से जोड़ेगा। समापन के अवसर पर डॉ. अमन कुमार के द्वारा बेहतरीन व्यवस्था प्रदान करने के लिए आयोजन समिति, स्वागत समिति एवं सभी उप समितियों के सदस्यों तथा पदाधिकारियों को पीला अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वार्ड पार्षद शिवराम यादव, महात्मा बेचन यादव, पूर्व मुख्य पार्षद जगदीश प्रसाद यादव,मोती बाबा, रामलखन मेहता, सीताराम बाबा, आजाद बाबा, किशोरानंद बाबा, केवल बाबा, डॉ. विजय शंकर चौधरी उर्फ खोखा बाबू, अभिनारायण यादव, तेजनारायण मेहता, लक्ष्मण मंडल, देवनन्दन यादव, भगवानदत्त यादव, अरुण कुमार, पप्पू कुमार, अजय अजनबी सियाराम यादव, विपीन कुमार, विशुनदेव मंडल, शिवनारायण साह, प्रदीप यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग,साधु-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित रहे।


