पिपरा (सुपौल): एक तरफ जहां सरकार सरकारी कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर पिपरा अंचल कार्यालय में कर्मियों की मनमानी और राजस्व कर्मचारी के हड़ताल पर चले जाने से राजस्व सहित अन्य योजनाओं में हो रही देरी से लोग काफी परेशान हैं।
नियमानुसार किसी भी सरकारी कार्य को करवाने के लिए अंचलाधिकारी द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) की आवश्यकता होती है। लेकिन पिपरा अंचल का हाल यह है कि दो-दो, तीन-तीन माह पहले जनप्रतिनिधियों द्वारा एनओसी के लिए आवेदन देने के बावजूद उन्हें अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा है। जिससे सरकारी कार्यों में भारी देरी हो रही है और विकास योजनाएं समय पर शुरू नहीं हो पा रही हैं।
जानकारी के अनुसार सुपौल के जिलाधिकारी द्वारा सभी अंचलाधिकारियों को पत्र लिखा गया है कि विकासात्मक कार्यों हेतु अति शीघ्र अनापत्ति प्रमाणपत्र निर्गत किया जाए। इसके बावजूद पिपरा अंचल कार्यालय में स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि पिपरा अंचल कार्यालय में लिपिक द्वारा प्राप्त आवेदनों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। इस बात को लेकर इसकी शिकायत अंचलाधिकारी से भी की गई है, बावजूद इसके अब तक अनापत्ति प्रमाणपत्र बनवाने में तेजी नहीं आई है। आरोप है कि कार्यालय आने के बाद लिपिक अधिकांश समय कार्यालय से गायब रहते हैं, जिस कारण लोगों को बैरंग वापस लौट जाना पड़ता है। इससे चयनित योजनाओं का काम बाधित हो रहा है।
मजबूरन बगैर अनापत्ति प्रमाणपत्र के ही शुरू हो रहे हैं कार्य। जानकारी मिली है कि आवेदन देने के बाद कई जगह बगैर अनापत्ति प्रमाणपत्र लिए ही काम शुरू कर दिया जाता है। इसके बाद कार्यालय का चक्कर लगाते-लगाते महीनों बीत जाने के बाद बड़ी मशक्कत से एनओसी दी जाती है। इससे जनप्रतिनिधियों में भी नाराजगी है।
मामले को लेकर अंचलाधिकारी आकांक्षा जायसवाल ने बताया कि अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए प्राप्त आवेदन हल्का कर्मचारी और अंचल अमीन की स्थलीय जांच रिपोर्ट के आधार पर किया जाता है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं, कुछ कर्मचारी संविदा पर हैं, उनको आवेदन दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद जल्द ही अनापत्ति प्रमाणपत्र निर्गत किया जाएगा।
इधर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पिपरा अंचल कार्यालय की कार्यशैली में सुधार लाया जाए और लंबित एनओसी आवेदनों का शीघ्र निष्पादन कराया जाए ताकि विकास कार्य समय पर पूरे हो सकें।

