उदाकिशुनगंज प्रखंड के 143 विद्यालयों में उत्साहपूर्वक संपन्न हुई शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी, शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने पर दिया गया जोर

उदाकिशुनगंज (मधेपुरा)। उदाकिशुनगंज प्रखंड के सभी 143 विद्यालयों में अक्टूबर माह की शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी उत्साह और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर विद्यालयों में शिक्षकों एवं अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सागर कुमार चौधरी ने विभिन्न विद्यालयों का अनुश्रवण कर संगोष्ठी की गतिविधियों का जायजा लिया।
संगोष्ठी को सफल बनाने के लिए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा प्रखंड टेक्निकल टीम के सदस्यों को विभिन्न पंचायतों के विद्यालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसमें शैलेश कुमार चौरसिया, वंदना कुमारी, मंजर आलम एवं सुनील कुमार चौरसिया सहित टीम के अन्य सदस्यों ने विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर शिक्षकों एवं अभिभावकों को आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
इस अवसर पर प्रखंड टेक्निकल टीम के सदस्य शैलेश कुमार चौरसिया ने कहा कि मधेपुरा जिला जनवरी माह से लगातार शिक्षा के क्षेत्र में राज्य स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार के नेतृत्व में जिले की शिक्षा व्यवस्था निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी का संत स्वभाव और शिक्षकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण उनमें नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार करता है। यही कारण है कि विद्यालयों में प्रत्येक शैक्षणिक गतिविधि उत्साहपूर्वक संपन्न हो रही है।
वहीं, अनुमंडल पार्षद माध्यमिक शिक्षक संघ की अमृता कुमारी ने कहा कि शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का सकारात्मक परिणाम बच्चों की विद्यालय में उपस्थिति बढ़ने के रूप में सामने आ रहा है। यह बिहार सरकार की एक सराहनीय पहल है। शिक्षकों और अभिभावकों के आपसी समन्वय से शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा रूपी शेरनी का दूध जो पिएगा, वह दहाड़ेगा।
वंदना कुमारी ने कहा कि शिक्षा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। शिक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और समर्पण से उदाकिशुनगंज प्रखंड लगातार अपनी पहचान बना रहा है। वहीं, मंजर आलम ने कहा कि आज शिक्षक और अभिभावक मिलकर शिक्षा रूपी पहिये को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सागर कुमार चौधरी ने बताया कि प्रखंड के सभी विद्यालयों में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इसमें प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग एवं प्रखंड टेक्निकल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि सरकार की शैक्षणिक योजनाओं को धरातल पर उतारने में शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि उदाकिशुनगंज के शिक्षक एवं जनप्रतिनिधि शिक्षा के प्रति काफी गंभीर और संवेदनशील हैं। वहीं, बिहार विधान परिषद के सदस्य नरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों की शिक्षा के लिए योजनाएं बनाते हैं और उन्हें धरातल पर उतारते हैं।
विधान परिषद सदस्य संजीव कुमार सिंह ने कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार के नेतृत्व में मधेपुरा जिला सरकार की महत्वाकांक्षी शैक्षणिक योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह जिले के लिए गौरव की बात है।
प्रखंड विशुत्री अध्यक्ष प्रदीप मंडल ने कहा कि मधेपुरा जिले में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल बन रही है। इसका श्रेय जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार, डीपीओ रवि शास्त्री, संभाग प्रभारी जयप्रकाश शर्मा, जिला टेक्निकल टीम के संजय क्रांति, प्रेमलता, अमृता कुमारी, शैलेश कुमार चौरसिया, वंदना कुमारी, मंजर आलम सहित प्रखंड के सभी प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को जाता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में सामूहिक प्रयास है।
संगोष्ठी ने दिया शिक्षा में सहभागिता का संदेश
कुल मिलाकर उदाकिशुनगंज प्रखंड के 143 विद्यालयों में आयोजित शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी ने यह संदेश दिया कि जब शिक्षक, अभिभावक, जनप्रतिनिधि और शिक्षा विभाग एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव निश्चित है। यह पहल बच्चों की नियमित उपस्थिति, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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