सुपौल पिपरा संवाददाता सुनील कुमार की रिपोर्ट: थाना क्षेत्र में खसी चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। चोर अब रात के अंधेरे में घरों और बथानो को निशाना बनाने के साथ विरोध करने वालों को हथियार दिखाकर गोली मारने की धमकी भी दे रहे हैं। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से पशुपालकों में दहशत है। वहीं, अलग-अलग पंचायतों में सामने आ रही घटनाओं ने पुलिस की रात्रि गश्ती और अपराध नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला निर्मली पंचायत का है। यहां पवन मंडल, प्रमोद कुमार, अरुण कुमार, संजीत कुमार और मो. इसराइल के घरों से एक दर्जन से अधिक खसी चोरी होने की बात सामने आई है। पीड़ितों के अनुसार, रात के समय चोर खसी लेकर जा रहे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने उन्हें देख लिया और रोककर पूछताछ करने की कोशिश की। आरोप है कि इस पर चोरों ने हथियार दिखाकर गोली मार देने की धमकी दी और खसी लेकर फरार हो गए। घटना के बाद से पीड़ित परिवारों में भय का माहौल है। पशुपालकों का कहना है कि खसी पालन उनके परिवार की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। इसके लिए महीनों तक मेहनत करने के साथ बड़ी पूंजी भी लगानी पड़ती है। ऐसे में एक साथ कई खसी चोरी हो जाने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। चोरी के दौरान हथियार दिखाकर धमकी दिए जाने से अब ग्रामीणों को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की भी चिंता सताने लगी है।
तीन पंचायतों में चोरी, चारपहिया वाहन से पहुंच रहे चोर
खसी चोरी की घटनाएं केवल निर्मली पंचायत तक सीमित नहीं हैं। बीते दिनों दीना पट्टी और कटैया माहे पंचायत में भी चोरों ने चारपहिया वाहन से पहुंचकर रात के अंधेरे में खसी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। अलग-अलग पंचायतों में लगातार सामने आ रही घटनाओं से ग्रामीणों के बीच भय और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि चोरी की इन घटनाओं के पीछे संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है।
आवेदन और सीसीटीवी फुटेज देने के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
पीड़ित पशुपालकों ने बताया कि चोरी की घटनाओं को लेकर पिपरा थाना में लिखित आवेदन दिया गया है। साथ ही चोरों की पहचान में मदद के लिए सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराया गया है। इसके बावजूद अब तक उन्हें जांच और कार्रवाई की स्थिति के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। इससे पीड़ितों में निराशा है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए सीसीटीवी फुटेज की जांच, संदिग्धों की पहचान और चोरी गई खसियो की बरामदगी के लिए त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही रात में पुलिस गश्ती तेज करने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ऐसी घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया तो पशुपालकों की मेहनत और उनकी आजीविका पर संकट बना रहेगा। इधर, थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं मिली है। जानकारी मिलने पर मामले की जांच-पड़ताल कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

