सुपौल बृहस्पतिवार को
आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 12 दिसंबर 2026 के सफल आयोजन एवं अधिकाधिक मामलों के निष्पादन के उद्देश्य से आज सिविल कोर्ट सुपौल के कॉन्फ्रेंस हॉल में सुपौल न्यायमंडल के सभी न्यायिक पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुपौल श्री राजेश कुमार बच्चन ने की।
बैठक में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने तथा अधिकाधिक मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु सभी न्यायिक पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी न्यायिक पदाधिकारी अपने-अपने न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए लोक अदालत में निष्पादन योग्य उपयुक्त मामलों को चिह्नित करें तथा संबंधित पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु प्रोत्साहित करें।
माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने विशेष रूप से पक्षकारों के साथ पूर्व बैठक (Pre-Sitting) आयोजित करने पर बल दिया, ताकि उन्हें लोक अदालत की प्रक्रिया, आपसी सहमति से विवादों के समाधान तथा इसके लाभों के संबंध में जानकारी दी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रभावी पूर्व बैठकें पक्षकारों के बीच संवाद एवं सहमति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु विभिन्न विभागों एवं वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया। बैंकों, वित्तीय संस्थानों, परिवहन विभाग, यातायात विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से बैंक ऋण वसूली, वित्तीय विवाद, परिवहन संबंधी मामलों तथा लंबित यातायात चालान के मामलों को चिह्नित कर लोक अदालत के माध्यम से अधिकाधिक मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
बैठक में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय सुपौल श्री राहुल उपाध्याय ने पारिवारिक विवादों के मामलों में आपसी सहमति, संवाद एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुपौल श्री अमित गौरव ने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु न्यायिक पदाधिकारियों, संबंधित विभागों एवं अन्य हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
बैठक में बिरपुर एवं निर्मली अनुमंडल के न्यायिक पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुपौल द्वारा आम नागरिकों से अपील की जाती है कि वे अपने लंबित एवं समझौता योग्य मामलों के समाधान हेतु आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं।

