सुपौल नगर परिषद क्षेत्र में पीएनजी सेवा की शुरुआत, तीन महीने में घरों तक पहुंचेगी गैस

पहले चरण में 500 परिवारों को मिलेगा कनेक्शन, उपभोक्ताओं को गैस खर्च में करीब 20 प्रतिशत बचत की उम्मीद

सुपौल।

सुपौल नगर परिषद क्षेत्र में घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पहुंचाने की योजना का गुरुवार को शुभारंभ किया गया। जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने इस कार्य की शुरुआत की। इस योजना के तहत अब पाइपलाइन के माध्यम से घरों में खाना बनाने के लिए प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू हो गया है। कंपनी के प्रतिनिधियों के अनुसार, अगले तीन महीने के भीतर गैस की आपूर्ति शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी सावन कुमार, नगर परिषद अध्यक्ष राघवेंद्र कुमार झा, विशेष कार्य पदाधिकारी सह वरीय उप समाहर्ता विकास कुमार कर्ण, जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार तथा बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक रामबाबू सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, नोडल एजेंसी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के पूर्वी क्षेत्र (गैस) प्रमुख परमित कुमार घोष, उप महाप्रबंधक (विपणन) बिधान चंद्र सिकदर, क्षेत्रीय प्रबंधक निलेश नगवाडे, क्षेत्रीय समन्वयक लक्ष्मीशा एएल और विपणन पदाधिकारी (गैस) संजीत कुमार वर्मा भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोगों ने नारियल फोड़कर तथा पौधरोपण कर योजना के कार्य का शुभारंभ किया। साथ ही जिला पदाधिकारी ने पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत भी की।

गैस खर्च में होगी बचत

जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि जिले में पीएनजी सेवा शुरू होने से उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी। इसके माध्यम से गैस खर्च में लगभग 20 प्रतिशत तक की बचत होने की उम्मीद है। पीएनजी की आपूर्ति शुरू होने से लोगों को खाना बनाने के लिए प्राकृतिक गैस का विकल्प उपलब्ध होगा।

पहले चरण में 500 परिवारों को कनेक्शन
कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि अगले तीन महीने के भीतर पीएनजी की आपूर्ति शुरू करने के उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है। शुरुआती चरण में लगभग 500 परिवारों को कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे नगर परिषद क्षेत्र में पाइपलाइन के माध्यम से गैस की आपूर्ति शुरू की जाएगी।
योजना के क्रियान्वयन से शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को घर तक गैस उपलब्ध कराने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे पारंपरिक गैस सिलेंडर पर निर्भरता कम करने और घरेलू ईंधन व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!