सुपौल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा परिकल्पित एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), सुपौल श्री राजेश कुमार बच्चन के मार्गदर्शन में जिले भर में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ व्यापक रूप से चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में अभियान के चौथे दिन जिले के कई प्रतिष्ठित विद्यालयों में बच्चों के बाल अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण को लेकर विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इन विद्यालयों में आयोजित हुए कार्यक्रम:
इस अभियान के तहत निर्मली के निर्मली हाई स्कूल, ओमश्री साई पब्लिक स्कूल, डीएम पंसारी विद्यालय तथा सुपौल स्थित आरएसएम पब्लिक स्कूल (कवच फाउंडेशन एवं सर्व शिक्षा एवं विकास संस्थान की सहभागिता में) में जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुए।
मुख्य अतिथियों की उपस्थिति एवं उद्बोधन:
आरएसएम पब्लिक स्कूल सुपौल के कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री अमित गौरव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के उद्देश्यों, सभी जानकारियों और इसके मिलने वाले अनगिनत फायदों से विस्तार से अवगत कराया।
निर्मली अनुमंडल न्यायालय के जज श्री श्याम नाथ साह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें अपनी समस्याएं साझा करने तथा निर्भीक होकर अपनी बात रखने के लिए प्रेरित करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बच्चों को भीड़भाड़ वाले स्थानों (जैसे मेलों आदि) पर सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी पुलिस से तुरंत मदद लेने की सलाह दी।
बाल अधिकार, सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर:
- चार मुख्य अधिकार (SPPD): बच्चों को उनके प्रमुख अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई।
- सुरक्षित शनिवार योजना: यूनिसेफ के प्रतिनिधि अशोक कुमार ने बताया कि बिहार सरकार की ‘सुरक्षित शनिवार’ पहल के तहत विद्यालयों में बच्चों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं और उनसे बचाव के तौर-तरीकों से अवगत कराया जाता है।
- शिकायत पेटी एवं सुरक्षा उपाय: कोशी प्रहरी के प्रतिनिधि प्रमोद कुमार यादव ने विद्यालयों में शिकायत पेटी की अनिवार्यता पर जोर दिया। साथ ही बच्चों को शोषण, बाल मजदूरी, मानव तस्करी, हिंसा से सुरक्षा और सुरक्षित रहने के उपायों की जानकारी दी गई।
- लोक अदालत की जानकारी: उपस्थित विद्यार्थियों और आमजनों को बताया गया कि यदि उनकी कोई भी समस्या या विवाद हो, तो वे लोक अदालत सुपौल में डाक या अन्य माध्यमों से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
प्रमुख गणमान्य लोगों की उपस्थिति:
कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुपौल, कोशी प्रहरी, कवच फाउंडेशन, सर्व शिक्षा एवं विकास संस्थान तथा यूनिसेफ की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। इस अवसर पर अधिवक्ता गीता गुप्ता, भोला प्रसाद यादव, चंद्र मोहन आचार्य, हाई स्कूल निर्मली के प्रिंसिपल संजय कुमार, शिक्षक फूलदेव यादव, ओम श्री साई पब्लिक स्कूल निर्मली के डायरेक्टर पीएन सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
यह अभियान “सुरक्षित बचपन, जागरूक बच्चे, सशक्त आवाज और उज्ज्वल भविष्य” के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।

