बच्चों ने चालकों को राखी बांधकर दिलाया सुरक्षा का संकल्प
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर धनबाद जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक अनोखी और भावनात्मक पहल की शुरुआत की है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देशानुसार जिले में तीन दिवसीय वृहद सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का आगाज हुआ। जिला प्रशासन, यातायात पुलिस एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अभियान के पहले दिन शहर के 5 प्रमुख चौक-चौराहों पर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। अभियान का सबसे खास और भावुक पल तब देखने को मिला जब स्कूली बच्चों ने सड़क पर उतरकर वाहन चालकों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और उनसे जीवन की रक्षा का वचन लिया।
बच्चों ने दोपहिया और चारपहिया चालकों को रोककर न सिर्फ राखी बांधी, बल्कि हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवरस्पीडिंग न करने और यातायात नियमों का शत-प्रतिशत पालन करने का संकल्प भी दिलाया। बच्चों के इस अनोखे अंदाज ने वाहन चालकों का दिल जीत लिया।
उपायुक्त ने कहा – घर पर कोई इंतजार कर रहा है
अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा, “रक्षाबंधन का मूल संदेश ही जीवन की रक्षा करना है। जब स्कूली बच्चे चालकों को राखी बांधकर सुरक्षा का वचन मांगते हैं, तो वह भावनात्मक संदेश सीधे दिल पर असर करता है। हमारा प्रयास है कि लोग डर या जुर्माने से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी समझकर नियमों का पालन करें। उन्हें यह अहसास होना चाहिए कि घर पर कोई उनका इंतजार कर रहा है।”
एसएसपी ने कहा – हेलमेट-सीट बेल्ट जीवन रक्षक हैं
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा, “सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए केवल जुर्माना नहीं, जन-जागरूकता भी जरूरी है। हेलमेट और सीट बेल्ट सिर्फ नियम नहीं, बल्कि जीवन रक्षक साधन हैं। सुरक्षित यात्रा से ही अपनों की खुशियां सुरक्षित रहेंगी।”
