जंक फूड एवं पैकेज्ड खाद्यय पदार्थों के दुष्प्रभाव पर जागरूकता सत्र का हुआ आयोजन

वरदान न्यूज । पूर्णियां

श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) जिला पदाधिकारी, पूर्णिया के निर्देशके आलोक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी श्रीमती सुगंधा शर्मा के मार्गदर्शन में पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत प्रति दिन माईक्रोप्लान के अनुरूप सभी आँगनबाड़ी केन्द्रों पर विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा सभी गतिविधियों का सतत मानिटरिंग एवं समन्वय स्थापित करते हुए विषेश रूप से पोषण पखवाड़ा का निगरानी किया जा रहा है। निर्धारित माइक्रोप्लान के अंतर्गत दिनांक 16.04.2026 (गुरूवार) को जंक फूड एवं पैकेज्ड खाद्यय पदार्थों के दुष्प्रभाव पर जागरूकता सत्र, नन्हें कलाकार दिवस-कला, खेल एवं रचनात्मक गतिविधियां, परिवार आधारित कहानी सत्र (दादी-नानी सहभागिता), सामुदायिक कार्यक्रम/तिथि भोज, डिजिटल सहभागिता नारा लेखन गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सेविका/महिला पर्यवेक्षिका/बाल विकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा निर्धारित/आवंटित आँगनबाड़ी केन्द्रों पर लाभार्थियों एवं लक्षित वर्ग समूह के साथ उपरोक्त गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गयी।जंक फूड और पैकेटबंद भोजन में अत्यधिक कैलोरी, अनहेल्दी फैट,शुगर और सोडियम,पोषक तत्व,फाईबर न के बराबर होते है। इसके नियमित सेवन से मोटापा, मधुमेह,पाचन में खराबी,थकान और लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती है।इसके लिए सभी केन्द्र पर लाभार्थियों के बीच पोषण संवाद के द्वारा जागरूकता किया गया। नन्हें कलाकार दिवस के तहत बच्चों के लिए हिंदी में चित्राकारी,नृत्य,अभिनय, कहानी सुनाना इत्यादि प्रतियोगिताऐं आयोजित कर गतिविधियां करायी गयी।
जिससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना, कलात्मक कौशल विकसित करना, मनोरंजन के माध्यम से रचनात्मक विकास को प्रोत्साहित कराया गया। दादा-दादी परिवार की नींव होते हैं और परिवार में ज्यादा अनुभवी भी होते हैं। जो अपनी कहानियों से बच्चों में संस्कार, प्रेम और एकता को बरकरार रखते है। वे पुराने समय के किस्से, राजा-रानी की कहानियां और नैतिक शिक्षा सुनाकर परिवार को करीब में लाते हैं। यह स्नेह और मार्गदर्शन बच्चों के चरित्र निर्माण में अमूल्य भूमिका निभाता है।
सामुदायिक कार्यक्रम एवं तिथि भोज गतिविधि के तहत सभी आँगनबाड़ी केन्द्रों पर तिथि भोज के तहत बच्चों को पौष्टिक भोजन परोसा गया। यह गतिविधि पोषण स्तर में सुधार और सामाजिक समरसता के लिए महत्वपूर्ण है। उपर्युक्त सभी तरह के आयोजनों को डिजिटल सहभागिता एवं पोस्टर नारा लेखन के माध्यम से भी करवाया गया। जोकि लाथार्थियों एवं लक्षित वर्ग के सभी समुहों पर गहन जागरूकता फैलाया गया।
पोषण पखवाड़ा का संदेश :- सही पोषण – देश रौशन।

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