सुपौल जिला में सभी अपशिष्ट प्रबंधन इकाई पर प्रत्येक गांव से कचरा इकट्ठा किया जा रहा है तथा अपशिष्ट पदार्थ के प्रबंधन हेतु सुपौल जिला में विभिन्न जगहों पर अधिष्ठापित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में भेजा जा रहा है ताकि प्लास्टिक के रूप में प्राप्त हो रहे कचरा का प्रबंधन एवं निपटान किया जा सके। इसकी समीक्षा हेतु आज दिनांक – 03.11.2026 को उप विकास आयुक्त, सुपौल श्री इंद्रवीर कुमार के द्वारा किशनपुर प्रखंड में अवस्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का निरीक्षण किया गया तथा वहां किये जा रहे कार्यों का अवलोकन किया गया। उप विकास आयुक्त के द्वारा बताया गया कि जिस तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक पदार्थों का प्रचलन एवं उपयोग बड़ा है पर्यावरण संरक्षण हेतु प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
प्लास्टिक बोतल के रूप में प्लास्टिक कचरा का बेहतर इस्तेमाल सड़कों के निर्माण में किया जा सकता है। इस संदर्भ में ग्रामीण कार्य विभाग के सभी अभियंताओं तथा संवेदकों के साथ बैठक कर सड़क निर्माण में प्लास्टिक के इस्तेमाल हेतु आवश्यक कार्य करने का निर्देश दिया गया है। इस कार्य हेतु अभियंताओं एवं संवेदकों के द्वारा सहमति व्यक्त की गई तथा इस पर आगे कार्य करने हेतु जिला प्रशासन के निर्देश के अनुसार कार्य करने पर सहमति व्यक्ति गई।
सड़क निर्माण में इस्तेमाल किए जाने हेतु प्लास्टिक कचरा को उचित आकार प्रकार में विखंडित करते हुए सड़क निर्माण में उपयोग किया जाना है। प्लास्टिक कचरा का विखंडन एवं छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर आगे का कार्य करने हेतु प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में कार्य चल रहा है। उप विकास आयुक्त के द्वारा कार्य कर रहे सभी कर्मियों को निर्देश दिया गया कि जल्द से जल्द ज्यादा से यात्रा मात्रा में प्लास्टिक कचरा को सड़क में उपयोग लाने हेतु बनाना सुनिश्चित करें ताकि इसका जल्द से जल्द सड़क में इस्तेमाल किया जा सके।
निरीक्षण के क्रम में उप विकास आयुक्त के साथ निर्देशक आशुतोष कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी पिंकी कुमारी एवं स्वच्छता पर्यवेक्षक एवं स्वच्छता के सभी पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।

