सुपौल। शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में जिला पदाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण अर्थात् जनसंख्या गणना (Population Enumeration) से संबंधित चार्ज एवं जिला स्तरीय पदाधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त एवं अपर समाहर्ता द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी ने द्वितीय चरण के कार्यों के संबंध में सभी ग्रामीण एवं शहरी चार्ज जनगणना अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिया। उन्होंने जनसंख्या गणना के कार्यों को पूरी सावधानी, पारदर्शिता एवं त्रुटिरहित तरीके से निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपन्न कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना के सही एवं विश्वसनीय आंकड़े राष्ट्र के नीति निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सटीक आंकड़ों के आधार पर ही योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ समृद्ध एवं सशक्त भारत के निर्माण में सहायता मिलती है।
विदित हो कि जनगणना 2027 के द्वितीय चरण का कार्य जनवरी से फरवरी 2027 तक निर्धारित है। इसी के मद्देनजर सभी चार्ज स्तरीय पदाधिकारियों, तकनीकी सहायकों, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण दिसंबर 2026 तक पूर्ण किया जाना है, ताकि जनगणना का कार्य सुचारू एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना निदेशालय द्वारा नामित प्रशिक्षक श्री रविशकांत एवं श्री रोहित कुमार द्वारा जनगणना के द्वितीय चरण से संबंधित विभिन्न सैद्धांतिक पहलुओं, ऑनलाइन प्रक्रियाओं एवं कार्यों के व्यावहारिक निष्पादन के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 30.10.2026 से 02.11.2026 तक संचालित किया जाएगा।
उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी अनुमंडल पदाधिकारी-सह-अनुमंडल जनगणना अधिकारी, निदेशक NEP, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-चार्ज जनगणना अधिकारी, सभी कार्यपालक पदाधिकारी-सह-चार्ज जनगणना अधिकारी तथा सभी अपर चार्ज जनगणना अधिकारी उपस्थित रहे।


