
भवनों के रंग-रोगन, स्वच्छता, पोषण ट्रैकर, PMMVY और कुपोषित बच्चों को NRC भेजने सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर हुई चर्चा
वरदा न्यूज मधेपुरा। जिले में बाल विकास परियोजनाओं के कार्यों की प्रगति और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, मधेपुरा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं ने भाग लिया। इस दौरान विभिन्न योजनाओं की प्रगति और कार्यों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में विशेष अभियान के तहत किराए के भवनों एवं सरकारी भवनों के रंग-रोगन की स्थिति पर चर्चा की गई। इसके साथ ही कायाकल्प योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण, मरम्मत और रंग-रोगन की प्रगति की समीक्षा की गई। केंद्रों में स्वच्छता बनाए रखने तथा बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने से संबंधित बिंदुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
पोषण ट्रैकर और PMMVY की शिकायतों की समीक्षा
समीक्षा बैठक में पोषण ट्रैकर पर प्राप्त शिकायतों तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) से संबंधित शिकायतों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अलावा पोषण ट्रैकर पर आभा आईडी, THR वितरण में FRS के उपयोग, सामुदायिक आधारित कार्यक्रम (CBE) और ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई।
NIC पोर्टल पर किराए से संबंधित विवरण अपलोड करने की स्थिति पर भी चर्चा हुई, ताकि संबंधित अभिलेखों और सूचनाओं को पोर्टल पर व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराया जा सके।
अति गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान पर जोर
बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय अति गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान और उन्हें समुचित उपचार के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) भेजने से संबंधित रहा। इस विषय पर समीक्षा करते हुए ऐसे बच्चों को समय पर चिन्हित करने और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की महत्ता पर चर्चा की गई।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहा फोकस
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, पोषण सेवाओं, लाभार्थियों की शिकायतों और विभिन्न योजनाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इन बिंदुओं के माध्यम से जिले में बाल विकास सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति का आकलन करना और संबंधित कार्यों के क्रियान्वयन में सुधार की दिशा-निर्देश दिए।
