कबीर मठ की बेशकीमती जमीन लूटने के खिलाफ ऐतिहासिक जनता की अदालत, “कबीर मठ बचाओ-संस्कृति बचाओ” के नारों से गूंजा प्रांगण

सुपौल। सुपौल सदर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लाउढ़ स्थित कबीर मठ परिसर में रविवार को बेशकीमती जमीन को फर्जी कागजात एवं जुगाड़ टेक्नोलॉजी के सहारे लूटने के घोटाले के खिलाफ ऐतिहासिक जनता की अदालत का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, संत समाज और कबीर पंथी उमड़ पड़े। पूरा मठ प्रांगण “कबीर मठ बचाओ-संस्कृति बचाओ” एवं “मठ बचाने निकले हैं, लुटेरों को सबक सिखाने निकले हैं” के नारों से गूंज उठा।

समाजसेवी राम कुमार मंडल की अध्यक्षता में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए लोरिक विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमन कुमार ने कहा कि कबीर दुनिया के अद्वितीय संत थे। उन्होंने जाति, धर्म एवं पाखंड की जंजीरों को अपने दोहों से तोड़ दिया। आज जब कबीर मठ पर संकट है, तो उनका दोहा ही हथियार है, उनकी वाणी ही आंदोलन है। कबीर आज भी हमें ललकारते हैं – डरो मत, सच बोलो, अन्याय से लड़ो।

कबीर मठ केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि 600 वर्षों से कबीर की मानवतावादी विचारधारा, सामाजिक समता, इंकलाब की मशाल और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।

डॉ. कुमार ने कहा कि यह केवल जमीन का घोटाला नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर पर सीधा हमला है। कबीर मठ बचेगा तो इंसानियत बचेगी। यह लड़ाई एक मठ की नहीं, बल्कि कबीर को मानने वाले करोड़ों लोगों के स्वाभिमान की है। कबीर मठ की एक इंच जमीन भी हम लोग लूटने नहीं देंगे।

डॉ. कुमार ने कहा कि कुछ लोगों ने फर्जी कागजात बनाकर जुगाड़ टेक्नोलॉजी से पुराने रिकॉर्ड में हेराफेरी की और तत्कालीन अंचलाधिकारी प्रिंस राज से सांठगांठ कर कबीर मठ की जमीन का अवैध दाखिल-खारिज करा लिया, रसीद कटा ली। अब उसी फर्जी रसीद के दम पर बलपूर्वक जमीन पर कब्जा करना चाह रहे हैं। यह जनमानस की धार्मिक भावना को कुचलने का षड्यंत्र है, आम आवाम की आस्था पर कुठाराघात है। फर्जी दाखिल-खारिज रद्द होना चाहिए।

सरपंच मो. मुस्तकीम ने कहा कि हमारे पंचायत के कागज में यह मठ की जमीन है, फिर भी कुछ लोग फर्जी रसीद दिखाते हैं, जो गलत है। मुखिया राजेश कुमार चौधरी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पहल कर अतिशीघ्र निराकरण करेंगे।

पूर्व मुखिया जयप्रकाश यादव ने कहा कि फर्जी कागज वालों ने कई लोगों को गुमराह करने की कोशिश की है, लेकिन जनता हकीकत जानती है, यह जमीन सदियों से कबीर मठ की है।

कार्यक्रम में मुख्य महंत बाबा अनुराग दास, मिथिलेश दास, सुखदेव दास, सत्यनारायण दास, दिनेश शर्मा, गेना साह, श्याम सुंदर मंडल, सुधीर मिश्र, मुकेश यादव, मो. सदरे आलम, विष्णुदेव शर्मा, रघुनंदन शर्मा, कमल सादा, भोला मंडल, प्रियंका देवी, प्रमिला देवी, गाना देवी आदि उपस्थित थे।

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