सुपौल। मिथिलांचल में आश्विन शुक्ल पक्ष में शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर लोक परंपरा का प्रतीक कोजागरा महालक्ष्मी पूजन आराधना की परंपरा है।
यह समृद्धि, उन्नति, विकास, आपसी प्रेम एवं नव विवाहित वर-वधू के अटूट सम्मान और संबंधों का भी प्रतीक है। इस शुभ अवसर पर हमारे मिथिलांचल में पान, मखान, मिठाई उपहार का आदान-प्रदान मिथिलांचल की पहचान और आत्मीयता का प्रतीक माना जाता है।
इस शुभ अवसर पर नव दंपति का जीवन सुखमय हो, ऐसी हमारी भावना होती है। और हम सभी का जीवन उन्नति विकास की ओर अग्रसर हो, यह हम सभी का मनोरथ कामना होती है। इसके लिए हम सभी श्री महालक्ष्मी मां का आराधना पूजन करते हैं।
शहर के विभिन्न चौक चौराहे पर फल की दुकान से लेकर मिठाई की दुकान में काफी भीड़ का नजारा आया। पर्व को देखते हुए प्रशासन की ओर से हर एक चौक चौराहे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई।
जिले के विभिन्न जगह-जगह पर श्रद्धालुओं के द्वारा मूर्ति बनाया गया एवं भव्य पंडाल से सजाया गया


