पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर रेल मंडल अंतर्गत झाझा रेलवे स्टेशन पर रविवार को आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की मानवीय और तत्पर कार्यशैली की एक मिसाल देखने को मिली। हैदराबाद से अपने पैतृक घर मुजफ्फरपुर लौट रही एक गर्भवती महिला को चलती ट्रेन में अचानक असहनीय प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
आपात स्थिति को भांपते हुए परिजनों और सहयात्रियों ने महिला को झाझा स्टेशन पर उतारा, जहां प्लेटफार्म पर तैनात आरपीएफ की महिला आरक्षी ने त्वरित सूझबूझ का परिचय देते हुए प्लेटफार्म पर ही सुरक्षित प्रसव कराया। प्लेटफार्म पर जैसे ही नन्हे शिशु की किलकारी गूंजी, वहां मौजूद रेलयात्रियों ने तालियां बजाकर आरपीएफ जवान की सराहना की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले के रैयपुरा गांव निवासी मुकेश मांझी हैदराबाद स्थित एक निजी डेयरी फार्म में मजदूरी करते हैं। वे करीब एक साल बाद अपने पैतृक गांव लौटने के लिए अपनी गर्भवती पत्नी संगीता देवी और तीन छोटे बच्चों के साथ सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-5 (बर्थ संख्या 73 व 74) में यात्रा कर रहे थे। ट्रेन जैसे ही सिमुलतला स्टेशन से आगे बढ़ी, संगीता देवी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। दर्द से कराहती महिला को देखकर बोगी के भीतर यात्रियों में हड़कंप मच गया। स्थिति गंभीर होते देख सहयात्रियों ने हौसला बढ़ाया और ट्रेन के झाझा स्टेशन पर रुकते ही परिवार को सुरक्षित प्लेटफार्म पर उतार लिया गया।
प्लेटफार्म पर ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ की महिला आरक्षी एकता की नजर जैसे ही तड़पती महिला पर पड़ी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए मोर्चा संभाल लिया। महिला को अस्पताल ले जाने तक का समय नहीं था, इसलिए आरक्षी एकता ने प्लेटफार्म पर मौजूद अन्य महिला यात्रियों से मदद की गुहार लगाई। महिला आरक्षी ने यात्रियों के सहयोग से साड़ियों और चादरों का चारों तरफ मजबूत घेरा बनाया। इसके बाद अत्यंत सावधानी और हौसले के साथ प्लेटफार्म पर ही महिला का सफल व सुरक्षित प्रसव कराया गया। कुछ ही देर में नवजात के रोने की आवाज गूंज उठी, जिससे तनाव का माहौल खुशी में बदल गया और यात्रियों ने राहत की सांस ली।
घटना के तत्काल बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर आर. आर. सहाय ने झाझा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को आपात सूचना दी। सूचना मिलते ही स्टेशन पर एंबुलेंस पहुंची और प्राथमिक सुरक्षा उपायों के साथ जच्चा व बच्चा दोनों को झाझा सीएचसी में भर्ती कराया गया। झाझा सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नवाब इकबाल ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर दोनों की आवश्यक चिकित्सीय जांच की गई। सही समय पर सूझबूझ से लिए गए फैसले के कारण मां और नवजात दोनों पूरी तरह खतरे से बाहर और स्वस्थ हैं। नवजात को जरूरी टीके भी लगा दिए गए हैं।
