वरदान न्यूज़ | सुपौल जिले के पचमहला क्षेत्र में हुई कथित जानलेवा हमला और लूटपाट की घटना ने पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित पक्ष के आवेदन पर सदर थाना में कांड संख्या 479/2026 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।प्राथमिकी के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को नितेश कुमार सिंह पर लोहे की रॉड से हमला कर जीवन भर विकलांग कर दिया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने मारपीट के बाद नकदी और सोने के आभूषण भी छीन लिए तथा जान से मारने की धमकी दी। घायल का इलाज सदर अस्पताल, सुपौल में कराया गया।एफआईआर में नामजद आरोपी शिवम कुमार सिंह, पिता–अनुराग सिंह रोशन कुमार सिंह, पिता–मुकेश कुमार सिंह ओम कुमार सिंह उर्फ गोलू सिंह, पिता–मुकेश कुमार सिंह सोनू कुमार सिंह, पिता–चंदन कुमार सिंह प्रशांत कुमार सिंह, पिता–कन्हैया कुमार सिंह कन्पड़ित परिवार का कहना है कि उनके परिवार का एक सदस्य देश की सर्वोच्च सुरक्षा एजेंसी में कार्यरत है। उनका सवाल है कि यदि ऐसे परिवार भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा?घटना के बाद पचमहला क्षेत्र के गढ़ बरवारी, बरेल, परसरमा और परसौनी गांवों में बढ़ते अपराध को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में ब्राउन शुगर, हेरोइन, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।ग्रामीणों का कहना है कि परसरमा से लोखा तक आज तक एक भी पुलिस ओपी या थाना स्थापित नहीं किया गया, जिससे अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में आए दिन मारपीट, रंगदारी और गोलीबारी जैसी घटनाएं हो रही हैं।पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से सभी नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, पचमहला क्षेत्र में नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई तथा क्षेत्र में स्थायी पुलिस ओपी या थाना स्थापित करने की मांग की है।वर्दान न्यूज़ की अपील:यदि किसी क्षेत्र में अपराध या नशे के कारोबार की शिकायतें हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, जांच पूरी होने से पहले किसी भी आरोपी को दोषी मानना उचित नहीं है। पुलिस और प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अपराधी का तस्वीर


