

वरदान न्यूज । मधेपुरा
वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत आत्मा (ATMA) योजना के तहत जिले में “उर्वरक का संतुलित उपयोग एवं एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 15 अप्रैल 2026 से किया गया है। यह प्रशिक्षण अभियान 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक जिले के सभी 13 प्रखंडों के चयनित 52 पंचायतों में आयोजित किया जा रहा है। जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक, आत्मा, मधेपुरा श्री रीतेश रंजन ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से उर्वरकों के संतुलित एवं समुचित उपयोग के प्रति जागरूक करना है, ताकि कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केन्द्र, मधेपुरा के वैज्ञानिकों, प्रखंड स्तरीय कृषि प्रसार कर्मियों तथा जिला स्तर से प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों द्वारा किसानों को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इससे किसान उर्वरकों का संतुलित उपयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सक्षम होंगे। प्रत्येक प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 60 से 70 किसान भाग ले रहे हैं, जिससे यह अभियान व्यापक जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। कार्यक्रम के प्रथम दिन 15 अप्रैल 2026 को मधेपुरा प्रखंड के मानिकपुर एवं महेशुआ पंचायतों में डॉ. आर.पी. शर्मा, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, मधेपुरा तथा प्रखंड कृषि पदाधिकारी, मधेपुरा द्वारा प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। वहीं सिंहेश्वर प्रखंड के रूपौली एवं मानपुर पंचायतों में प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सिंहेश्वर, डॉ. पंकज कुमार यादव (मृदा वैज्ञानिक, सिंचाई अनुसंधान केन्द्र, मधेपुरा) एवं श्री शंकर कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी (आत्मा) द्वारा कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इन अवसरों पर सभी कृषि प्रसार कर्मी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिक से अधिक भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं एवं अपनी आय में वृद्धि सुनिश्चित करें।
