गैर मजरूआ आम सड़क की फर्जी जमाबंदी का मामला उजागर

उदाकिशुनगंज के तत्कालीन सीओ हरीनाथ राम व राजस्व कर्मचारी पर गिरेगी गाज, डीएम ने दिए जांच के आदेश

मधेपुरा।बिहार के मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अंचल में सरकारी भूमि से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है।

गैर मजरूआ आम सड़क की जमीन पर अवैध रूप से जमाबंदी कायम कर निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के आरोप में तत्कालीन अंचलाधिकारी हरीनाथ राम एवं संबंधित राजस्व कर्मचारी पारसमणी कुमार पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौजा हरैली, थाना संख्या-194, पुराने खतियान में खाता संख्या 153, खेसरा संख्या 907 के तहत दर्ज भूमि गैर मजरूआ आम सड़क है। नियमों के अनुसार इस प्रकार की भूमि किसी भी परिस्थिति में निजी व्यक्ति के नाम पर जमाबंदी योग्य नहीं है। इसके बावजूद वर्ष 2023 में फर्जी तरीके से जमाबंदी कायम किए जाने का आरोप लगाया गया है।अवैध रजिस्ट्री और म्यूटेशन का आरोप है कि उदाकिशुनगंज निबंधन कार्यालय के ऑपरेटर अभिषेक कुमार द्वारा कथित रूप से पैसे के बल पर गैर मजरूआ आम सड़क की जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। इस संबंध में दस्तावेज संख्या 10506, दिनांक 27 अक्टूबर 2023 को केवला किया गया। इसके बाद म्यूटेशन दाखिल-खारिज वाद संख्या 4237/2023-24 भी दर्ज किया गया, जबकि भूमि वर्षों से विवादित रही है।स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप नगर परिषद उदाकिशुनगंज के वार्ड संख्या-03, मजहर पट्टी निवासी उमेश साह ने आरोप लगाया कि उनके घर के सामने स्थित सरकारी सड़क की जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। उन्होंने इसे जनहित से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।इन लोगों के नाम पर की गई जमाबंदी जानकारी के अनुसार, गैर मजरूआ जमीन की जमाबंदी जिन लोगों के नाम पर की गई, उनमें विजय कुमार पासवान (प्रधानाध्यापक, मध्य विद्यालय हरैली),अजय कुमार पासवान,राजेश कुमार,अखिलेश कुमार चारों शामिल हैं। सभी मजहर पट्टी, वार्ड संख्या-03, नगर परिषद उदाकिशुनगंज के निवासी बताए जा रहे हैं। आरोप है कि जमाबंदी के बाद इन जमीनों की खरीद-बिक्री भी शुरू कर दी गई।पहले से सड़क घोषित है भूमि दस्तावेजों के अनुसार, भूमि सुधार उपसमाहर्ता वाद संख्या 25/11-2012, उदाकिशुनगंज में यह भूमि पहले ही सड़क घोषित की जा चुकी है। इसके बावजूद रकबा बढ़ाकर और खतियान में छेड़छाड़ कर जमाबंदी करना गंभीर अनियमितता मानी जा रही है।डीएम ने दिए जांच के आदेश मामले को गंभीरता से लेते हुए मधेपुरा जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने एडीएम को जांच का आदेश दिया है। डीएम ने कहा—“उदाकिशुनगंज अंचल में सरकारी जमीन की अवैध जमाबंदी के मामले की जांच कराई जा रही है। दोषी पदाधिकारी, कर्मचारी एवं अवैध लाभ लेने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। एडीएम से शीघ्र रिपोर्ट मांगी गई है।

”डीएम के आदेश के बाद संबंधित पदाधिकारियों एवं अवैध लाभार्थियों में हड़कंप मच गया है। जांच पूरी होने के बाद मामले में बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।”

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