पति को कुल्हाड़ी से काटने वालीपत्नी ने सुनायी दुखभरी दास्तां

बासल थाना के लेम गांव स्थित महली टोला में पति और पत्नी का आपसी झगड़ा रक्तरंजीत हो गया। प्रताड़ना से तंग आकर पत्नी किरण देवी ने अपने पति अशोक उरांव पर तीन बार टांगी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
दिलदहलाने वाली घटना से बासल थाना क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण और कोलियरी क्षेत्र में भी सनसनी फैल गई।रिश्ते-नातों को तार तार करने वाली घटना से कई सवाल उभर कर सामने आए है, जिसका जवाब पारिवारिक व्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
पति की हत्या की बात कबूलने वाली किरण देवी ने सिसक -सिसक कर अपनी दास्तान बयां की। उसने बताया कि पति अक्सर शराब के नशे में धुत होकर मारपीट करता था। वह बच्चों को भी नहीं छोड़ता था। उसने बताया कि दो बेटी और एक बेटा है। बड़ी बेटी पूजा 5 साल, बेटी मिस्टी 3 साल और दुधमुंहा अयांश 2 साल का है। पति की प्रताड़ना से तंग आकर वो 2018 में मायके चली गई थी, जहां करीब दो साल तक रही। इस दौरान वो भी साथ में रहता था। इसके बाद सास के कहने पर वापस लेम आई थी।
उसने कहा कि यदि मैं नहीं मारती तो वहीं मेरी हत्या कर देता। कई बार प्रयास भी किया। मगर मैं जैसे तैसे बचती ही। आज तंग आकर अपने बचाव में पति को टांगी से काट कर मार दिया। वो काम करने के बजाय सिर्फ शराब पीकर लड़ाई करता था। वहीं किरण देवी घर का काम और खेती-बाड़ी करती थी।
बेटे की हत्या की सूचना पाकर मृतक की मां दुग्गी देवी और छोटा भाई पियस उरांव लेम महली टोला पहुंचे। दोनों ओरमांझी स्थित मृतक की बहन के घर पर थे।
यहां पहुंचते ही सास ने अपनी बहु को खुब खरीखोटी सुनाई। रोते हुए माथा पर हाथ रख कर गुमशुम अवस्था में देर तक पड़ी रही, लेकिन जब बेटे की हत्या करने वाली बहु किरण देवी को पुलिस की गिरफ्त में देखा तो फूट-फूट कर रोने लगी।
थाना प्रभारी से कहा कि कम सजा दिजिएगा साहब, छोटा-छोटा बच्चा है, कौन पालेगा इनको। इस दौरान बार-बार अपने बेटे को कोस रही थी।
पति की हत्या में गिरफ्तार किरण अपने दुधमुंहे बेटे अयांश (2 वर्ष) को भी अपने साथ जेल लेकर जाएगी। बच्चा मां के दुध पर आश्रित है। जिसका लालन-पालन दूसरे के बस की बात नहीं है। गिरफ्तार किरण अपने बेटे को गोद में लेकर थाना की गाड़ी में बैठी, यह देख कर गांव के लोगों का दिल पसीज गया।
वहीं, दो बेटियां पूजा और मिस्टी का लालन-पालन दादी ही करेगी। परिवार बिखर गया। मृतक की मां और भाई दोनों मजदूरी करते हैं। तभी घर चलता है। अब बच्चें की जिम्मेदारी मिलने पर बच्चों की देखरेख के लिए मजदूरी छोड़नी पड़ेगी। जिसकी वजह से घर की माली हालत खराब होने की बात कह कर वो और सिसक रही थी।
मृतक अशोक उरांव ने गांव के ही युवक की वर्ष 2015 में टांगी से काट कर हत्या की थी। इस कांड में गिरफ्तार होने के बाद करीब 5 साल तक जेल में सजा काटी। उसने गांव के डब्लू उरांव की हत्या शराब के नशे में की थी। बताया जाता है कि जेल से छुटने के बाद भी उसने शराब नहीं छोड़ी और घर में विवाद करता रहता था।
पिता का शव घर से बाहर पड़ा हुआ था। वहीं मृतक के तीनों बच्चे आंगन में पड़ी खटिया पर बैठ कर खेल रहे थे। हाथ में मोबाइल था। उसमें तीनों कुछ देखते हुए हंस रहे थे। इसी बीच मोबाइल रिंग हुआ।
तीन साल की मिस्टी ने फोन उठाया। फोन स्पीकर पर था। आवाज आई कि तोहर बप्पा कहा हव, बात पुरी भी नहीं हुई और तोतली आवाज में मिस्टी ने कहा मर गेलव तो, के मार लव, इस पर बड़ी मासूमियत से जवाब दिया मईयां मारलव।
आने वाले संकट से अनजान बच्चें बिना समझे कभी पिता के शव को देखते, तो कभी मां के पास जाकर कुछ बात करते। यह देख वहां पर मौजूद लोगों की आंखे भर आई। एक घटना से पूरा परिवार बिखर गया। बिना मां-बाप के दो बेटियां दादी के साथ रहेंगी, तो छोटा बेटा मां के आंचल की छांव में जेल में।

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