
पटना।
पटना में 15 दिसंबर 2025 को आयोजित आयुष डॉक्टरों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान हुए कथित हिजाब विवाद को लेकर देश-विदेश में मचे राजनीतिक और सामाजिक बवाल के बीच भारतीय अस्पताल संघ ने माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में खुलकर बयान दिया है। संघ ने इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री पर की जा रही अभद्र टिप्पणियों और पाकिस्तान से मिल रही कथित धमकियों की कड़ी निंदा की है।
दरअसल, कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन जब मंच पर नियुक्ति पत्र लेने पहुंचीं, उसी समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उनके चेहरे की ओर इशारा किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कुछ लोगों ने इसे हिजाब हटाने से जोड़कर देखा, जिसके बाद मामला तूल पकड़ता चला गया।
भारतीय अस्पताल संघ का स्पष्ट पक्ष
भारतीय अस्पताल संघ के संस्थापक रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि नुसरत परवीन बिहार की बेटी हैं और किसी भी पिता के लिए यह गर्व का क्षण होता है जब उसकी बेटी डॉक्टर बनकर समाज की सेवा के लिए आगे आती है।
उन्होंने कहा,
“किसी बेटी का चेहरा देखना किसी पिता के लिए गर्व की बात होती है। माननीय मुख्यमंत्री ने केवल एक पिता तुल्य भाव से देखा, न कि किसी धर्म या मजहब का अपमान करने की मंशा से।”
संघ के संस्थापक रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार न सिर्फ राज्य के मुखिया हैं, बल्कि पिता तुल्य भी हैं।
“क्या मुख्यमंत्री की बेटी-पोती की उम्र की कोई बेटी नहीं होती? फिर इस तरह की अभद्र भाषा और गंभीर आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं?”
धर्म के नाम पर समाज को तोड़ने का आरोप
भारतीय अस्पताल संघ ने आरोप लगाया कि कुछ संकीर्ण सोच वाले तत्व इस पूरे मुद्दे को धर्म और मजहब के नाम पर भड़काने का प्रयास कर रहे हैं, जो समाज के लिए घातक है।
रणधीर कुमार सिंह ने कहा,
“डॉक्टर किसी जाति या धर्म से ऊपर होता है। उसका पहला धर्म मानवता है। डॉक्टर समाज को उकसाने और अस्पतालों की सुरक्षा को खतरे में डालने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री से खेद, समाज से संयम की अपील
भारतीय अस्पताल संघ ने इस पूरे विवाद को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से खेद प्रकट करते हुए कहा कि डॉक्टर समाज उनके साथ खड़ा है। साथ ही संघ ने उन सभी लोगों को चेतावनी दी है जो सोशल मीडिया के जरिए नकारात्मक सोच फैलाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
संघ ने स्पष्ट कहा,
“माननीय मुख्यमंत्री ने केवल चेहरा देखा, कोई धार्मिक आदेश या हिजाब हटाने की सलाह नहीं दी। यदि किसी धर्म या शास्त्र में यह लिखा हो कि पिता द्वारा बेटी का चेहरा देखना अपमान है, तो उसका प्रमाण दिया जाए।”
डॉक्टर नुसरत परवीन से अपील
भारतीय अस्पताल संघ ने डॉक्टर नुसरत परवीन से भी अपील की कि वह निडर होकर अपनी सेवा जारी रखें।
“यह नौकरी आपकी मेहनत और काबिलियत का परिणाम है। समाज की बेटी के साथ डॉक्टर समाज पूरी मजबूती से खड़ा है।”
संघ ने दो टूक कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री का सपना है कि बिहार की बेटियाँ आगे बढ़ें, डॉक्टर बनें और मानवता की सेवा करें, और इस सपने को तोड़ने का प्रयास करने वालों को समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।
