सुरक्षित बचपन अभियान के प्रथम दिन जिले के विभिन्न विद्यालयों में व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सुपौल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा परिकल्पित “सुरक्षित बचपन अभियान” के अंतर्गत अभियान के प्रथम दिन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल द्वारा माननीय श्री राजेश कुमार बच्चन, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के दिशा-निर्देश में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों के विद्यालयों में व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

अभियान के प्रथम दिन सुपौल, किशनपुर, पिपरा, सरायगढ़-भपटियाही एवं त्रिवेणीगंज प्रखंडों के विभिन्न पंचायतों में स्थित विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, वीरपुर स्थित सावित्री प्रभा आवासीय विद्यालय में भी सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत विधिक जागरूकता कार्यक्रम जोर-शोर से आयोजित किया गया, जिसमें पैनल अधिवक्ताओं एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा, संरक्षण तथा किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध उपलब्ध कानूनी सहायता के प्रति जागरूक करना था।

विभिन्न पंचायतों एवं विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रम
1. सुपौल प्रखंड

  • सुखपुर-सोलहनी पंचायत — Senior Secondary +2 School
  • कर्णपुर पंचायत — High Middle School
  • बसबिट्टी पंचायत — MS Basbitti

2. किशनपुर प्रखंड

  • राजपुर पंचायत — MS Sisauni
  • राजपुर पंचायत — UHS Sisauni
  • राजपुर पंचायत — Urdu U/M/S Madhura Rajpur

3. पिपरा प्रखंड

  • पथरा दक्षिण पंचायत — MS Baghi
  • पथरा उत्तर पंचायत — MS Pathra
  • पथरा उत्तर पंचायत — MS Jwahaniya

4. सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड

  • शाहपुर पृथ्वीपट्टी पंचायत — M/S Ramnagar
  • शाहपुर पृथ्वीपट्टी पंचायत — M/S Shahpur Plar
  • शाहपुर पृथ्वीपट्टी पंचायत — U/M/S Laxmipur 09

5. त्रिवेणीगंज प्रखंड

  • थलहा गढ़िया दक्षिण पंचायत — High School Triveniganj
  • कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत — H/S/S Koriapatti Supaul
  • कुशहा पंचायत — UHS Machaha

इन विद्यालयों के साथ-साथ सावित्री प्रभा आवासीय विद्यालय, वीरपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी विद्यार्थियों को बाल अधिकारों एवं बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल ने अभियान के संचालन में विभिन्न सरकारी विभागों तथा गैर-सरकारी संगठन समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान (SSEVS), सुपौल के साथ समन्वय स्थापित किया।

कार्यक्रमों में न्यायिक पदाधिकारियों, बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्यों, जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) के कर्मियों, NGO SSEVS के विशेषज्ञों, पैनल अधिवक्ताओं तथा पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) ने सहभागिता निभाई और बच्चों तक बाल सुरक्षा संबंधी संदेश पहुंचाने में योगदान दिया।

जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान बच्चों को उनके मूलभूत अधिकारों, बाल यौन शोषण से बचाव, सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act), ऑनलाइन सुरक्षा तथा साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार, शोषण अथवा उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने या भयभीत होने के बजाय विश्वसनीय वयस्क, शिक्षक, अभिभावक अथवा संबंधित प्राधिकरण से सहायता प्राप्त करनी चाहिए।

इस अवसर पर माननीय श्री राजेश कुमार बच्चन, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक बच्चे को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वह किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज उठा सके और समय पर सहायता प्राप्त कर सके। सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित एवं सशक्त समाज की नींव है।

उन्होंने संबंधित विभागों, विद्यालयों, शिक्षकों एवं सामाजिक संगठनों से अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा बच्चों के लिए भयमुक्त, सुरक्षित एवं संवेदनशील वातावरण सुनिश्चित करने की अपील की।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल द्वारा संचालित यह अभियान 26 से 31 अक्टूबर 2026 तक प्रथम चरण में जिले के विभिन्न विद्यालयों में जारी रहेगा। अभियान के अगले चरण में विद्यालयों द्वारा नामित शिक्षकों को प्रशिक्षित करने पर भी बल दिया जाएगा, ताकि बाल अधिकारों एवं संरक्षण से संबंधित जागरूकता गतिविधियों को विद्यालय स्तर पर निरंतर संचालित किया जा सके।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल का संकल्प है कि जिले के प्रत्येक बच्चे तक उसके अधिकारों एवं सुरक्षा से संबंधित आवश्यक जानकारी पहुंचे तथा विभिन्न हितधारकों के समन्वित प्रयासों से बाल संरक्षण की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

इसके अतिरिक्त, वीरपुर स्थित सावित्री प्रभा आवासीय विद्यालय में भी सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जोर-शोर से किया गया। इस कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ताओं एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी जानकारियाँ प्रदान कीं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बाल यौन शोषण से बचाव, सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान, POCSO अधिनियम, 2012 तथा साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना तथा किसी भी प्रकार के शोषण अथवा उत्पीड़न की स्थिति में निडर होकर सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना था। पैनल अधिवक्ताओं एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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