सुपौल। बृहस्पतिवार को जिले में मत्स्य संसाधन को बढ़ाने एवं मछली पालन से किसानों की आय में बढ़ोतरी की संभावनाओं की तलाश की जा रही है। इसी क्रम में उप विकास आयुक्त, सुपौल श्री इंद्रवीर कुमार के द्वारा सरायगढ़ प्रखंड अंतर्गत इटहरी राजस्व मौजा में मत्स्य संसाधन के विकास हेतु योजना पर कार्य करने के संबंध में स्थानीय लोगों के साथ बैठक की गई।
उप विकास आयुक्त के द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं उपस्थित किसानों को बताया गया कि मत्स्य विकास के संबंध में सुपौल जिला में अपार संभावनाएं हैं। बहुत सारी भूमि पर सालों भर जल-जमाव की स्थिति बनी रहती है, इसलिए इस जल जमाव के क्षेत्र को संसाधन में विकसित किए जाने की आवश्यकता है। इस संबंध में इटहरी के किसानों के द्वारा सरकार द्वारा जल प्लावित चौर क्षेत्र में विकास की योजना लिए जाने पर सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में सरायगढ़ प्रमुख, बौराहा एवं सरायगढ़ के मुखिया भी उपस्थित थे। उपस्थित जनप्रतिनिधियों के द्वारा भी जल जमाव क्षेत्र को मत्स्य संसाधन में विकसित किए जाने के संबंध में अपने विचार रखे गए तथा क्षेत्र के विकास में योगदान देने की बात कही गई।
उप विकास आयुक्त के द्वारा बताया गया कि अंचल कार्यालय के द्वारा अमीन के माध्यम से सर्वप्रथम जल जमाव के क्षेत्र को चिन्हित व रेखांकित किया जाएगा, तत्पश्चात किसानों से वार्ता कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिला मत्स्य पदाधिकारी श्री संजय कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री अच्युतानंद कुमार, अंचल अधिकारी, राजस्व पदाधिकारी के साथ-साथ अन्य पदाधिकारी व कर्मी भी उपस्थित थे।

