अब ई-के.वाई.सी. हेतु उपभोक्ताओं को अपने गैस एजेंसी पर जाने की आवश्यक्ता नहीं

वरदान न्यूज । सुपौल

सुपौल जिला के सभी घरेलु गैस उपभोक्ताओं को जिनका ई-के.वाई.सी. नहीं हुआ है द्वारा विभिन्न तेल कम्पनियों से प्राप्त सूचना अनुसार अब ई-के.वाई.सी. हेतु उपभोक्ताओं को अपने गैस एजेंसी पर जाने की आवश्यक्ता नहीं है। इंडियन ऑयल (इण्डेण) से संबंधित उपभोक्ता Indianoil one मोबाईल ऐप द्वारा, हिन्दुस्तान ऑयल (एच.पी.) से संबंधित उपभोक्ता HP Pay मोबाईल ऐप द्वारा एवं भारत पेट्रोलियम (भारत गैस) से संबंधित उपभोक्ता Hello BPCL मोबाईल ऐप द्वारा ई-के.वाई.सी. करा सकते हैं। अभी जिले के गैस एजेंसियों के पास लगभग 12479 गैस सिलेंडरों का भंडार मौजूद है, और आज 1008 अतिरिक्त LPG गैस सिलेंडर प्राप्त होने की संभावना है। कल दिनांक 12.04.2026 को लगभग 5988 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। अभी तक 22552 उपभोक्ता को बुकिंग की गैस आपूर्ति की जानी है। जिले के 61 गैस एजेंसियों में से 46 गैस एजेंसियों पर अभी LPG गैस सिलेंडर उपलब्ध है, शेष 05 मुरली इण्डेन ग्रामीण वितरक, रामेश्वर तारा इण्डेन ग्रामीण वितरक, रत्ना इण्डेन ग्रामीण वितरक, संजय इण्डेन ग्रामीण वितरक, भूशकुलिया एच०पी० ग्रामीण वितरक पर शीघ्र ही गैस की आपूर्ति किये जाने की संभावना है। आज अभी तक कुल 51 LPG एजेन्सी में से 22 की जाँच की गई है। 27 अन्य होटलों/प्रतिष्ठानों पर LPG गैस सिलेण्डरों के प्रयोग की जाँच हेतु छापेमारी की गई है। जिले में LPG की उपलब्धता में लगातार सुधार हो रहा है। है। तेल कम्पनियों द्वारा अस्पताल एवं सरकारी सस्थानों को जिनके पास वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। जिला प्रशासन LPG गैस सिलेंडरों की ससमय उपलब्धता हेतु गैस वितरक कम्पनियों से लगातार संपर्क में है। पेट्रोल पम्पों का औचक निरीक्षण हो रहा है। 5 पेट्रोल पम्पों की जाँच की गई है। तेल कम्पनियों से समन्वय स्थापित करके लगातार पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय, सुपौल में घरेलु LPG गैस सिलेंडरों के उठाव-वितरण के निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिसका दूरभाष संख्या 06473-224005 है। आज दिनांक 13.04.2026 को जिला नियंत्रण कक्ष में 3 शिकायतें / जानकारी प्राप्त करने हेतु कॉल प्राप्त हुआ है। सभी संबंधितों के शिकायतों का निष्पादन करा दिया गया है। अभी तक घरेलु गैस के वाणिज्यिक प्रयोग/ कालाबाजारी के आरोप में जिला अन्तर्गत तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चूकी है। आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का निर्वाध उपलब्धता, प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और निर्वाध इंचन एवं LPG गैस की आपूर्ति को सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए, कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने एवं वैवाहिक कार्य हेतु वाणिज्यिक LPG की आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन, सुपौल पूरी सक्रियता से कार्य कर रहा है। जिला प्रशासन सभी लोगों से अनुरोध करता है कि आवश्यक वस्तुओं, LPG गैस, पेट्रोल की कोई कमी नहीं है, जितनी आवश्यकता है नियमानुसार गैस की आपूर्ति की जा रही है।

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